जयपुर। श्री जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से आयोजित ‘श्री जयपुर रथ यात्रा महोत्सव-2026’ के अंतर्गत शुक्रवार शाम भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की बहुदा रथ यात्रा अगाध श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। चांदनी चौक स्थित श्री बृज निधि मंदिर से शुरू हुई इस पावन रथ यात्रा में श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन, मधुर भजनों और जयघोष की गूंज के बीच झूमते-गाते चले।
इस दौरान भक्तों ने प्रभु के रथ की रस्सियों को हाथों से खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया, वहीं मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। रथ यात्रा जब चांदपोल बाजार स्थित श्री रामचंद्र मंदिर पहुंची, तो वहां भगवान श्री जगन्नाथ और माता महालक्ष्मी के दिव्य पुनर्मिलन की सदियों पुरानी प्राचीन परंपरा का जीवंत मंचन किया गया।
परंपरा के अनुसार, रुठी हुई माता महालक्ष्मी को मनाने के लिए भगवान जगन्नाथ ने उन्हें प्रेमपूर्वक रसगुल्लों का भोग अर्पित किया। प्रभु के इस भावपूर्ण निवेदन के बाद मंदिर के कपाट खोले गए और माता महालक्ष्मी की ओर से भगवान का सहर्ष स्वागत किया गया। इस अलौकिक क्षण के साक्षी बने हजारों श्रद्धालुओं के बीच हजारों रसगुल्लों और अन्य मिष्ठान का महाप्रसाद वितरित किया गया।
वापसी रथ यात्रा के समापन अवसर पर विशेष महाआरती, मंगल वंदना तथा पूज्य संतों के आशीर्वचन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के गगनभेदी जयघोष और भक्तिमय माहौल के बीच भगवान श्री जगन्नाथ अपने दिव्य विग्रहों सहित प्रताप नगर स्थित श्रीमंदिर के लिए प्रस्थान कर गए।



















