जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित अधिशासी अधिकारी (ईओ) एवं राजस्व अधिकारी (आरओ) भर्ती परीक्षा-2022 में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कर परीक्षा पास करने वाली पांच हजार रुपए की इनामी आरोपी कोमल (23) निवासी कुचेरा जिला नागौर को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गिरफ्तार किया है।
आरोपित महिला पिछले काफी समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए जोधपुर और नागौर में अपने रिश्तेदारों व परिचितों के यहां छिपकर फरारी काट रही थी। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि इस संबंध में एसओजी थाना जयपुर में 19 अक्टूबर 2024 को प्रकरण दर्ज किया गया था। एसओजी की जांच में सामने आया कि कोमल वर्ष 2020 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी।
14 मई 2023 को आयोजित ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा के दौरान उसने संगठित नकल गिरोह के सरगना पोरव कालेर और उसके चाचा तुलछाराम कालेर के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। आरोप है कि परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन और ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से बाहर से उत्तर प्राप्त कर उसने परीक्षा दी और उत्तीर्ण भी हो गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नकल कराने के बदले पोरव कालेर और कोमल के बीच 7 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।
यह राशि परीक्षा में चयन होने और नियुक्ति मिलने के बाद दी जानी थी। हालांकि, ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल और धांधली की पुष्टि होने पर राजस्थान लोक सेवा आयोग ने पूरी परीक्षा निरस्त कर दी थी। गिरफ्तार आरोपी कोमल से पूछताछ की जा रही है तथा मामले में आगे का अनुसंधान जारी है। गौरतलब है कि इस मामले में अब तक कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।



















