जयपुर। आमेर क्षेत्र की ग्राम पंचायत छापराडी में गांजे के पौधों के मामले में दर्ज मुकदमे को लेकर ग्रामीणों में रोष है। जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और मीडिया के माध्यम से सरकार, पुलिस एवं प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर गरीब परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि 25 जुलाई को नारकोटिक्स विभाग और आमेर थाना पुलिस ने एक खेत में गांजे के पौधे मिलने के बाद सहखातेदार मूलचंद मीणा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उनका दावा है कि संबंधित खेत में मिले पौधे किसी ने बोए नहीं थे, बल्कि स्वतः उगी खरपतवार हैं। ऐसे पौधे क्षेत्र के अन्य खेतों, सरकारी भूमि, नदी-नालों और आसपास के स्थानों पर भी देखे जा सकते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार मूलचंद मीणा लंबे समय से जयपुर में रह रहे हैं और काफी समय से गांव नहीं आए हैं। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है तथा करीब एक वर्ष पूर्व उनकी पत्नी की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। ऐसे में उन पर गांजे की खेती का आरोप लगाना उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे क्षेत्र का सर्वे कराने, स्वतः उगे ऐसे पौधों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने तथा भविष्य में निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई से बचने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर मूलचंद मीणा पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और गरीब परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।



















