परकोटा क्षेत्र में बड़ा हादसा टला: तीस गज का तीन मंजिला मकान झुका

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A three-story house of thirty yards tilted
A three-story house of thirty yards tilted

जयपुर। गलतागेट थाना इलाके में ईदगाह मस्जिद के पीछे नीम कब्रिस्तान के पास मोहल्ला टिक्कीग्रान में गुरुवार को अचानक से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब 30 गज में बना एक तीन मंजिला पुराना जर्जर मकान अचानक ताश के पत्तों की तरह एक तरफ झुक गया। मकान के दोनों किनारों पर गहरी दरारें आ जाने से यह सड़क की ओर खतरनाक तरीके से झुक गया। गनीमत यह रही कि समय रहते पुलिस, सिविल डिफेंस और स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए मकान में मौजूद 40 से अधिक किरायेदारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

वार्ड 26 के निवर्तमान पार्षद सलमान मंसूरी ने सुबह करीब 10 बजे मकान के झुकने की सूचना प्रशासन को दी। इसके तुरंत बाद गलतागेट थाना पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने जर्जर भवन की ओर जाने वाली तीनों गलियों में बैरिकेड्स लगाकर आमजन की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया है। मौके पर तैनात जवानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इमारत किसी भी पल ढह सकती है, इसलिए कोई भी व्यक्ति रेड जोन के पास न जाए।

स्थानीय नागरिक अब्दुल लतीफ व अन्य लोगों ने बताया कि इमारत की जर्जर स्थिति के बावजूद मकान मालिक ने पैसों के लालच में करीब 30 से 40 लोगों को किराए पर ठहरा रखा था। हादसों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही थी। सभी को सामान सहित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। सैयद कॉलोनी में रहने वाली मकान मालकिन रेहना सुल्ताना और उनके रिश्तेदार ईशरदा ने बताया कि दो साल पूर्व बंटवारे में यह मकान उन्हें मिला था। उनका दावा है कि इस मकान में केवल 5 से 6 किरायेदार ही निवास कर रहे थे।

वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम (हेरिटेज) प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मकान मालिक को नोटिस थमा दिया है। निगम ने मकान मालिक को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे के भीतर विशेषज्ञ की देखरेख में आवश्यक सुधार कार्य करवाएं, अन्यथा नगर निगम स्वयं नियमानुसार कार्रवाई करेगा। सूत्रों के अनुसार, इमारत के ढहने के खतरे को देखते हुए इसके चारों ओर बांस का ढांचा बांधने का काम शुरू कर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से देर रात या शुक्रवार तक इस खतरनाक ढांचे को पूरी तरह जमींदोज करने की योजना बनाई जा रही है।

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