जयपुर। केंद्रीय कारागृह अजमेर में पदस्थापित कारापाल सद्दाम हुसैन को बंदियों के साथ निषिद्ध सामग्री के उपयोग और कारागृह के बाहर के व्यक्तियों से संपर्क रखने के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
महानिदेशक कारागार राजस्थान अशोक राठौड़ ने राजस्थान सिविल सेवाएं नियम, 1958 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निलंबन आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार कारापाल सद्दाम हुसैन के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में विभागीय जांच प्रस्तावित है। जांच को किसी तरह प्रभावित न किया जा सके, इसके मद्देनजर निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय केंद्रीय कारागृह, श्रीगंगानगर निर्धारित किया गया है।
प्रकरण में आगे की कार्रवाई के तहत केंद्रीय कारागृह अजमेर में निरुद्ध बंदी सैयद तौसीफ चिश्ती को केंद्रीय कारागृह भरतपुर स्थानांतरित किया गया है। बंदी के स्थानांतरण को भी मामले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं पूरे प्रकरण के संबंध में पुलिस थाना सिविल लाइन्स, अजमेर में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। विभागीय और पुलिस स्तर पर होने वाली जांच के बाद ही आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित संलिप्तता की स्थिति स्पष्ट होगी।


















