जयपुर। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने हथियार के दम पर सटोरियों और व्यापारियों को डराकर अवैध वसूली करने वाले एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी के कब्जे से एक अवैध देसी पिस्टल बरामद की। आरोपी पूर्व में हुए अजय यादव हत्याकांड में भी जेल जा चुका है और करीब दो साल तक जेल में रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि हथियार के दम पर सटोरियों और व्यापारियों को डराकर अवैध वसूली के मामले में झोटवाड़ा थाना पुलिस ने आशीष सिंह उर्फ अक्षय सिंह (31) निवासी जोबनेर जयपुर ग्रामीण हाल झोटवाड़ा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी आशीष सिंह की पिछले काफी समय से एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की टीम तलाश कर रही थी। एजीटीएफ के हेड कांस्टेबल होशियार सिंह को आरोपी के संबंध में सटीक सूचना मिली। इसके बाद झोटवाड़ा थाना पुलिस ने शुक्रवार रात दबिश देकर हथियारबंद आशीष उर्फ अक्षय को पकड़ लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आशीष सिंह अजय यादव हत्याकांड में आरोपी रहा है और करीब दो साल जेल में बंद रहा। जेल में रहने के दौरान उसकी पहचान कई अपराधियों और बदमाशों से हुई। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह सट्टा लाइन में सक्रिय हो गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने सटोरियों को डराने-धमकाने के बाद उनसे अवैध वसूली शुरू कर दी। इतना ही नहीं, जेल में बने अपने आपराधिक संपर्कों का इस्तेमाल कर वह अपने साथियों से फोन करवाकर सटोरियों और व्यापारियों को धमकियां भी दिलवाता था। इसके जरिए वह बड़ी रकम वसूलने की फिराक में था।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि अवैध वसूली के लिए धमकाने और डर का माहौल बनाने के उद्देश्य से आरोपी ने झालाना डूंगरी निवासी मोहित से 40 हजार रुपए में देसी पिस्टल खरीदी थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से यही अवैध पिस्टल बरामद की है।
पुलिस अब आरोपी से उसके आपराधिक संपर्कों, वसूली की वारदातों, धमकियों और हथियार के स्रोत के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस को पूछताछ में अवैध वसूली से जुड़े अन्य मामलों और उसके साथियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।


















