जयपुर। राज्य राजमार्गों पर राहगीरों और वाहन चालकों का अपहरण कर लूटपाट और फिरौती मांगने वाले गिरोह का मुहाना थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रिंग रोड-डिग्गी रोड पर हुई वारदात के मुख्य सरगना कुशाल सांसी (24) निवासी निवासी नेवटा रोड मुहाना को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल आई-20 कार भी बरामद की गई है। मामले में गिरोह के तीन अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि 5 अगस्त की शाम कमलेश मीणा अपने दोस्त मीठालाल मीणा को रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा दिलाकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। रिंग रोड-डिग्गी रोड के पास कार सवार बदमाशों ने दोनों को रोककर उनका अपहरण कर लिया।
बदमाशों ने मीठालाल को करीब 5 से 7 किलोमीटर आगे छोड़ दिया, जबकि कमलेश को हाथ-पैर बांधकर जंगल में ले गए। वहां उसके साथ मारपीट कर मोबाइल, चांदी की तीन अंगूठियां और चांदी की चेन लूट ली। इसके बाद आरोपियों ने कमलेश से पहले 15 लाख रुपए और बाद में 50 हजार रुपए की फिरौती मांगी। पीड़ित ने अपने भाई को 50 हजार रुपए लेकर बुलाया।
इस घटना के संबंध में कमलेश ने 6 अगस्त को मुहाना थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के साथ ही आरोपियों के आने-जाने वाले रास्तों पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्य सुरेश चौधरी,दीपक बलाई उर्फ दीपू और सुनील जांगिड़ को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
हालांकि मुख्य सरगना कुशाल सांसी वारदात में इस्तेमाल आई-20 कार लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी कुशाल सांसी पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। उससे गिरोह की अन्य वारदातों और साथियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
इस कार्रवाई में थानाधिकारी मुकेश कुमार, एएसआई करण सिंह, हेड कांस्टेबल कानसिंह, भंवर लाल, तकनीकी शाखा के लोकेश व रामसिंह तथा कांस्टेबल रामेश्वर, ओमप्रकाश, राजेश, देवेंद्र, दशरथ, बहादुर, दामोदर, अन्नाराम, संजीव, सचिन, अमित और प्रताप सिंह शामिल रहे।


















