गोविंददेवजी मंदिर में चौंसठ महंत भोग उत्सव, फूल बंगले में विराजे ठाकुरजी

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A Dvapara Yuga-like occasion: Govind Dev Ji’s birth anniversary to be celebrated amidst the roar of 31 cannons.
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जयपुर। जयनिवास बाग स्थित ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देव जी महाराज में श्रील रूप गोस्वामी जी के तिरोभाव उत्सव के तहत मंगलवार को ‘चौंसठ महंत भोग दर्शन’ का आयोजन किया गया। वर्ष में एक बार होने वाले इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और ठाकुरजी की मनोहारी झांकी के दर्शन किए।

श्रीरूपानुग गोस्वामी गद्दी विराजमान महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में हुए आयोजन में श्रीचैतन्य सम्प्रदाय की परंपरा के अनुसार महाप्रभु, पंचतत्व, अष्ट कविराज, छह चक्रवर्ती, द्वादश गोपाल और विभिन्न गुरुजनों के नाम से आसन, वस्त्र, भोग की पत्तल, माला और भेंट सजाई गई। मंदिर प्रशासन के अनुसार नाम ‘चौंसठ महंत भोग’ है, लेकिन परंपरा के अनुसार इस अवसर पर 200 से अधिक महंतों को भोग अर्पित किया गया।

ग्वाल झांकी के दौरान श्रद्धालुओं को चौंसठ महंत भोग की विशेष झांकी के दर्शन हुए। सप्त देवालयों, महाप्रभुजी और अन्य आचार्यों के साथ श्रील प्रद्युम्न देव गोस्वामीजी को भी भोग अर्पित किया गया। विशेष आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल रहा।
उत्सव के तहत ठाकुर श्रीजी का ‘फूल का डोल मनोरथ’ भी सजाया गया। ठाकुर श्रीजी और श्री राधारानीजी को फूलों से बने आकर्षक अलंकार और मुकुट धारण कराए गए। फूलों से सजे हिंडोले में विराजमान ठाकुरजी की झांकी ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।

संध्या झांकी में श्रील रूप गोस्वामीजी के चित्रपट के साथ श्रीमन्माधव गौड़ेश्वर संकीर्तन मंडल और मंदिर परिकर ने मंदिर की परिक्रमा की। संकीर्तन और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने उत्सव में भाग लिया।

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