जयपुर। भाद्रपद कृष्ण पक्ष एकम शनिवार से भाद्रपद मास प्रारंभ हो गया। इसके साथ ही दिगम्बर जैन मंदिरों में एक माह तक धार्मिक आयोजनों की रौनक रहेगी। जैन धर्मावलंबी पूरे एक माह तक षोडशकारण पर्व मनाएंगे। इस दौरान जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, व्रत, विधान और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।
राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि शनिवार को षोडशकारण व्रत एवं मेघमाला व्रत प्रारंभ होंगे, जो रविवार, 27 सितम्बर तक चलेंगे। इस दौरान श्रद्धालु व्रत-उपवास के साथ धार्मिक आराधना करेंगे तथा जैन मंदिरों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 15 सितम्बर से दशलक्षण महापर्व प्रारंभ होगा, जो 25 सितम्बर तक चलेगा। इससे पूर्व 2 सितम्बर को चन्दन षष्ठी, 11 सितम्बर से 13 सितम्बर तक लब्धिविधान तेला, 13 सितम्बर को रोट तीज एवं चौबीसी व्रत मनाया जाएगा।
18 सितम्बर को निर्दोष सप्तमी व्रत का आयोजन होगा। 15 सितम्बर से 25 सितम्बर तक दशलक्षण व्रत होंगे। 21 सितम्बर को सुगन्ध दशमी मनाई जाएगी। 23 सितम्बर से 25 सितम्बर तक कर्म निर्झर तेला होगा। 24 सितम्बर से शनिवार, 26 सितम्बर तक रत्नत्रय व्रत रखा जाएगा। शुक्रवार, 25 सितम्बर को अनन्त चतुर्दशी एवं दशलक्षण समापन कलश का आयोजन होगा।
इसी दिन भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक दिवस भी मनाया जाएगा। रविवार, 27 सितम्बर को षोडशकारण व्रत समापन कलश के साथ पड़वा ढोक एवं क्षमा वाणी पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर जैन धर्मावलंबी एक-दूसरे से क्षमा याचना कर वर्षभर में जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए क्षमा मांगेंगे।



















