जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड जारी कराकर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के मामले में 10 हजार रुपए के इनामी वांछित आरोपी अब्दुल रहमान को महाराष्ट्र के भिवंडी से गिरफ्तार किया है। आरोपी पहचान छिपाकर लगातार ठिकाने बदल रहा था।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि इस संबंध में वर्ष 2023 में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान जब्त किए गए सिम बॉक्स में इस्तेमाल 43 सिम कार्डों में से अधिकांश सिम अंसारी मोबाइल शॉप के प्रोपराइटर अब्दुल रहमान (29) निवासी भिवंडी ठाणे (महाराष्ट्र) ने जारी करवाए थे। आरोपी ने ग्राहकों की जानकारी के बिना कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर टेलीकॉम कंपनियों से छलपूर्वक सिम एक्टिवेट कराए थे।
पुलिस के अनुसार अब्दुल रहमान ने फर्जी सिम अपने सहयोगी वांछित आरोपी सैफ अंसारी उर्फ समीर उर्फ जैक, निवासी भिवंडी, को बेची थीं। गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद से हाई-स्पीड इंटरनेट और सिम बॉक्स के जरिए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जाता था।
इसके माध्यम से देशी-विदेशी वीओआईपी कॉल को लोकल कॉल में परिवर्तित किया जाता था। इससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान होने के साथ देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा पैदा हो रहा था।
जिस पर जांच अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक चंद्रज्योति शर्मा की टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। लगातार ठिकाने बदलने के बावजूद एसओजी ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर भिवंडी से गिरफ्तार किया। एसओजी आरोपी से पूछताछ कर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से जुड़े अन्य आरोपियों और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।



















