जयपुर। मानसून के बाद नगर निगम जयपुर की ओर से ‘स्वच्छ जयपुर-स्वस्थ जयपुर’ के संकल्प के साथ 25 अगस्त से 8 सितंबर तक सात चरणों में महास्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में हर वार्ड, गली और मोहल्ले तक निगम की टीमें पहुंचीं। प्रत्येक चरण में 2500 से अधिक स्वच्छता योद्धाओं ने मोर्चा संभाला। अभियान के दौरान करीब 6 हजार टन कचरा व मलबा हटाया गया, जबकि 500 खुले कचरा डिपो और 50 से अधिक खाली भूखंड कचरा मुक्त किए गए।
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा की पहल पर चलाए गए अभियान में निगम के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ आधुनिक मशीनरी और संसाधनों का उपयोग किया गया। लंबे समय से कचरा जमा होने वाले खाली भूखंडों, सड़क किनारे, गलियों, खुले कचरा डिपो और जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सफाई करवाई गई।
बड़े कचरा डिपो हटाने के लिए जेसीबी, डंपर और लोडर सहित पांच दर्जन से अधिक मशीनरी व संसाधन लगाए गए। इनमें 16 जेसीबी, 21 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 22 डंपर-लोडर, 4 लीटर पिकर, 4 फॉगिंग मशीन, 4 लेवलर, 15 हूपर, एक रोड स्वीपर और 3 जटायु शामिल रहे।
निगम की टीमें रोजाना सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक विभिन्न क्षेत्रों में तैनात रहीं। अधिकारियों ने मौके पर सफाई कार्य की निगरानी की। जलभराव वाले स्थानों पर भी सफाई और जल निकासी की व्यवस्था करवाई गई।
अभियान के दौरान सफाई के साथ नागरिकों को खुले में कचरा नहीं डालने और घर-घर कचरा संग्रहण के लिए आने वाले हूपर में ही कचरा देने के लिए जागरूक किया गया। आयुक्त ओम कसेरा ने कहा कि स्वच्छ जयपुर का सपना निगम के प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी से ही साकार होगा।
महास्वच्छता अभियान के साथ अनधिकृत होर्डिंग, बैनर और पोस्टर हटाने की कार्रवाई भी की गई। आचार संहिता की पालना के तहत अब तक 8700 बड़े होर्डिंग-बैनर, 15,900 पोस्टर-बैनर और 90 गेंट्री हटाई जा चुकी हैं।



















