गोविंद देवजी और गोनेर सहित जयपुर के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में जलझूलनी एकादशी की धूम

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Janmashtami festival at Govind Dev Ji Temple from August 19
Janmashtami festival at Govind Dev Ji Temple from August 19

जयपुर। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी, यानी जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर राजधानी जयपुर के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान और भक्तिमय आयोजन संपन्न होंगे। ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी सहित शहर के सभी प्रमुख देवस्थानों में विशेष उत्सव की तैयारियां की गई हैं।

जलझूलनी एकादशी का मुख्य वार्षिक मेला गोनेर स्थित प्रसिद्ध श्री लक्ष्मीजगदीश जी मंदिर में आयोजित किया जाएगा। मंदिर महंत हनुमान प्रसाद शर्मा के अनुसार, शाम 4 बजे श्री लक्ष्मीजगदीश महाराज की भव्य पालकी बैंड-बाजों के साथ जगन्नाथ सरोवर के लिए रवाना होगी। सरोवर पहुंचने पर भगवान को सुसज्जित नौका में विराजमान कराकर करीब दो घंटे तक जल विहार कराया जाएगा।

इस मनोरम जल विहार यात्रा के दौरान लगभग 30 मनमोहक झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगी। शोभायात्रा में सजे-धजे घोड़ों की सवारी, मधुर धुन बजाते बैंड-बाजे और बलवंत व्यायामशाला के स्वयंसेवक शामिल रहेंगे। जल विहार के बाद जब भगवान की पालकी मंदिर लौटेगी, तो श्रद्धालु जगह-जगह आरती उतारकर उनका स्वागत करेंगे और पालकी के नीचे से निकलने की पारंपरिक आस्था में भाग लेंगे।

मेले की महत्ता को देखते हुए जयपुर के अलावा दौसा, अजमेर, कुचामन, चाकसू, बस्सी, चौमूं सहित मध्य प्रदेश के इंदौर, रतलाम आदि क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर में सुबह 5 बजे से लेकर शोभायात्रा के समापन तक निर्बाध दर्शन व्यवस्था रहेगी। मनोकामना पूरी होने पर भक्त ठाकुर जी को थाल और सवामणी का भोग भी अर्पित करेंगे।

इसके साथ ही पानों का दरीबा स्थित श्री सरस निकुंज, पुरानी बस्ती के श्री राधा गोपीनाथ जी, चौड़ा रास्ता के श्री राधा दामोदर जी, मदनगोपाल जी, रामगंज बाजार स्थित लाड़ली जी और चांदनी चौक स्थित बृज निधि जी मंदिर में भी जलझूलनी एकादशी का पर्व हर्षोल्लास व श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।

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