जयपुर। खातीपुरा स्थित श्री लक्ष्मी नृसिंह मंदिर का 162वां जलझूलनी एकादशी महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। महोत्सव के तहत शाम 4 बजे मंदिर से भगवान लक्ष्मी नृसिंह की भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई। भगवान डोले में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और जयकारों के साथ यात्रा में शामिल हुए।
महंत मदन गोपाल दाधीच ने बताया कि शोभायात्रा के लिए भगवान की पालकी को चांदी के सिंहासन और सोने के सात छत्रों से आकर्षक रूप से सजाया गया। 162 वर्ष पुरानी करीब 50 किलो वजनी पालकी में लक्ष्मी शालिग्राम को विराजमान कर यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बैंड-बाजे के साथ हाथी-घोड़े और आकर्षक लवाजमा शामिल रहा। ड्रोन के माध्यम से शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा भी की गई।
शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई श्री झारखंड महादेव मंदिर पहुंची। यहां भगवान का जल विहार कराया गया। आरती के बाद शोभायात्रा पुन: श्री लक्ष्मी नृसिंह मंदिर के लिए रवाना हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भगवान के जयकारे लगाते रहे।
मंदिर पहुंचने के बाद देर रात तक भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सुप्रसिद्ध भजन गायकों ने हरि नाम संकीर्तन की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। नृत्य गुरु रूप सिंह शेखावत ने कार्यक्रम का मंच संचालन किया। एकादशी के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया।



















