जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के प्रवर्तन दस्ते ने गुरुवार को अवैध अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जोन-20 में करीब 50 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त करवाई। इसके साथ ही करीब 5 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बिना जेडीए स्वीकृति और भू-रूपांतरण के बसाई जा रही नवीन अवैध कॉलोनी को प्रारंभिक स्तर पर ही ध्वस्त कर दिया गया।
जेडीए के उप महानिरीक्षक पुलिस आनंद शर्मा ने बताया कि ग्राम खुडियाला, मौजमाबाद में करीब 30 बीघा सरकारी भूमि पर मिट्टी की डोल, कांटों की बाड़, झाड़ियों और तारबंदी कर अतिक्रमण किया गया था। प्रवर्तन दस्ते ने जेसीबी और मजदूरों की मदद से अतिक्रमण हटाकर जमीन को मुक्त कराया। इस सरकारी भूमि की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपए बताई गई है।
इसी प्रकार ग्राम डेडूवाला, मौजमाबाद में करीब 20 बीघा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपए है। कार्रवाई के बाद दोनों स्थानों पर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया।
प्रवर्तन दस्ते ने ग्राम मौजमाबाद में करीब 5 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बिना जेडीए की स्वीकृति और भू-रूपांतरण के बसाई जा रही ‘विनायक विहार तृतीय’ नामक नवीन अवैध कॉलोनी के खिलाफ भी कार्रवाई की। यहां बनाई जा रही मिट्टी-ग्रेवल की सड़कें और अन्य अवैध निर्माण को प्रारंभिक स्तर पर ही ध्वस्त कर दिया गया।
इसके अलावा ग्राम पालुखुर्द में सरकारी भूमि पर बनाई गई बाउंड्रीवाल सहित अन्य अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के बाद सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
जेडीए के अनुसार समस्त कार्रवाई मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन प्रथम के पर्यवेक्षण में उपनियंत्रक प्रवर्तन-चतुर्थ, प्रवर्तन अधिकारी जोन-20 तथा राजस्व एवं तकनीकी स्टाफ की निशानदेही पर प्रवर्तन दस्ते ने की।



















