जयपुर। ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत जयपुर द्वितीय की फूड सेफ्टी टीम ने निजी एवं राजकीय अस्पतालों की कैंटीन, मेस किचन तथा अस्पतालों के बाहर संचालित ढाबों और फूड स्टॉल्स का सघन निरीक्षण किया। यह कार्रवाई अतिरिक्त मुख्य सचिव गायत्री राठौड़ एवं आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान अविचल चतुर्वेदी के निर्देश पर की गई।
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों से खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए। महात्मा गांधी हॉस्पिटल से ग्रेवी व पनीर, नारायणा हॉस्पिटल से पनीर तथा आरयूएचएस की कैंटीन से चना दाल और रिफाइंड सोयाबीन तेल के नमूने लिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टीम ने अस्पतालों के बाहर करीब दो दर्जन ढाबों व फूड स्टॉल्स का भी निरीक्षण किया। संचालकों को साफ-सफाई रखने, तेल को बार-बार गर्म कर इस्तेमाल नहीं करने और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। फूड हैंडलर्स को निर्धारित ड्रेस कोड और स्वच्छता व्यवस्था का पालन करने के लिए पाबंद किया गया।
कार्यालय के कंट्रोल रूम पर भोजन की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत मिलने पर जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की मेस किचन का निरीक्षण किया गया। यहां कुछ खाद्य पैकेट्स पर पैकिंग और एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं मिली तथा सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। गुणवत्ता में कमी की आशंका पर पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया।



















