जयपुर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी में दस दिवसीय गणेशोत्सव का पारंपरिक उल्लास और श्रद्धाभाव के साथ समापन हुआ। अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजन किए गए। शहर के घरों और सार्वजनिक पंडालों में विराजित गणपति प्रतिमाओं का भी धार्मिक परंपराओं के अनुसार विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच बप्पा को भावभीनी विदाई दी।
माधोसिंह सर्किल स्थित माधव विलास में विराजित ‘माधव विलास चा राजा’ के समक्ष गायत्री चेतना केंद्र मुरलीपुरा के मनु महाराज के सान्निध्य में गायत्री महायज्ञ हुआ। मनु महाराज ने श्रद्धालुओं से भगवान गणेश की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। यज्ञ का शुभारंभ उषा मालवानी, ओमप्रकाश मालपानी, रीतु, बसंत, चेतना और शरद कुचामन वाले ने गणपति पूजन के साथ किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां देकर सुख-समृद्धि की कामना की।
दोपहर में भगवान गणपति की महाआरती हुई। इसके बाद शाम को 56 भोग अर्पित कर पुन: महाआरती की गई। संध्या समय गाजे-बाजे और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच माधोसिंह सर्किल से भव्य शोभायात्रा रवाना हुई। पर्यावरण संरक्षण और आयोजन की विशेष परंपरा के तहत इस बार गुलाल के बजाय फूलों की होली खेलते हुए बप्पा को विदाई दी गई। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना’ के जयघोषों के साथ शोभायात्रा माधव विलास गार्डन पहुंची।
विधायक ने उतारी आरती, महाप्रसादी में उमड़े श्रद्धालु
माधव विलास गार्डन में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने गणपति बप्पा की आरती उतारी। इसके बाद माधव विलास प्रांगण में श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाप्रसादी का आयोजन किया गया। आयोजन के समापन के साथ ही शहरभर में स्थापित गणपति प्रतिमाओं का निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने नम आंखों से बप्पा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की।



















