जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की उप निरीक्षक (एसआई)/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 की सुरक्षा व्यवस्था में सेंधमारी का दावा कर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जयपुर दक्षिण जिला पुलिस की जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो आरपीएससी की एसआई परीक्षा का नहीं, बल्कि अगले दिन कलाम एकेडमी की ओर से आयोजित आरएएस के मॉक टेस्ट का था।
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण संजीव नैन ने बताया कि आरपीएससी की शिकायत पर अजमेर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज जीरो नंबर एफआईआर जयपुर के महेश नगर थाने में स्थानांतरित होकर मिली थी। मामले में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 की धारा 10(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एसआईयूसीएडब्ल्यू) जिज्ञासा को सौंपी गई।
20 सितंबर को प्रदेश के 11 जिलों में आरपीएससी की एसआई भर्ती पुनः परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें परीक्षा कक्ष के व्हाइट बोर्ड की रिकॉर्डिंग के साथ मोबाइल से प्रश्न-पत्र और ओएमआर शीट दिखाने का दावा किया गया। वीडियो में परीक्षा केंद्र कोड 16-0253 और रोल नंबर सीरीज 3796881 से 3796904 दिखाई दे रही थी। केंद्र कोड कल्याण पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गंगा विहार कॉलोनी, महेश नगर, जयपुर का था।
पुलिस जांच में सामने आया कि कल्याण पब्लिक स्कूल ने प्रतियोगी परीक्षाओं के मॉक टेस्ट के लिए कलाम एकेडमी, जयपुर से अनुबंध कर रखा है। 20 सितंबर को आरपीएससी की परीक्षा समाप्त होने के बाद स्कूल प्रशासन ने बेसमेंट-ए के व्हाइट बोर्ड पर लिखे केंद्र कोड और रोल नंबर सीरीज को नहीं मिटाया था। अगले दिन 21 सितंबर को इसी स्थान पर कलाम एकेडमी ने आरएएस का मॉक टेस्ट आयोजित किया।
जांच के अनुसार आरोपी ने 21 सितंबर को मॉक टेस्ट के दौरान वीडियो बनाया। बोर्ड पर पहले दिन की आरपीएससी परीक्षा से संबंधित विवरण दिखाई देने के कारण उसने वीडियो को सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ प्रसारित कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित व्यक्ति ने 20 सितंबर को आरपीएससी की एसआई परीक्षा दी ही नहीं थी और वह 21 सितंबर को केवल कोचिंग का मॉक टेस्ट देने पहुंचा था।
डीसीपी दक्षिण संजीव नैन के निर्देशन में महेश नगर थानाधिकारी हवा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की पहचान और तलाश में जुटी है। पुलिस ने कहा कि परीक्षा को लेकर भ्रामक या फर्जी जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















