जयपुर। पितृ पक्ष के पावन अवसर पर रविवार को राजधानी के आराध्य देव श्री गोविंद देवजी मंदिर में ‘पितृ पुष्टि गायत्री महायज्ञ’ श्रद्धा और वैदिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ। सुबह 8 से 10 बजे तक आयोजित इस महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने अपने समस्त पितृ गणों की आत्मशांति एवं तृप्ति के निमित्त मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां प्रदान कीं।
मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस नि:शुल्क महायज्ञ का संचालन गायत्री परिवार मानसरोवर की टोली द्वारा किया गया। यज्ञ में शहर के दर्जनों श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
समारोह के दौरान दिवंगत पितरों का विधि-विधान से श्राद्ध कर्म संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने स्नान के उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण कर श्राद्ध का संकल्प लिया और अपने पूर्वजों के नाम व गोत्र का उच्चारण कर उनका आह्वान किया। तर्पण के पश्चात पंचबलि भोग की परंपरा निभाते हुए गाय, चींटी, कौए और श्वान के लिए ग्रास निकाला गया। इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर वस्त्र एवं दक्षिणा भेंट कर आशीर्वाद लिया गया। आयोजन में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ युवा वर्ग ने भी पूरे उत्साह एवं आस्था के साथ भाग लिया।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार अष्टमी तिथि का क्षय होने के कारण श्राद्ध पक्ष पूर्णिमा तिथि को मिलाकर पूरे 16 दिन का रहेगा। इसी क्रम में 27 सितंबर को प्रतिपदा और 28 सितंबर को द्वितीया तिथि का श्राद्ध निष्पादित किया जाएगा।



















