जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की सह संस्थापिका भगवती देवी शर्मा के महानिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य मेें गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी में ‘एक स्वरांजलि मां के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। गायत्री परिवार राजस्थान की सह समन्वयक गायत्री कचोलिया के मार्गदर्शन में जयपुर के विभिन्न गायत्री चेतना केंद्रों के परिजनों ने माताजी के प्रति अपनी श्रद्धा संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से व्यक्त की।
शक्तिपीठ के व्यवस्थापक सोहनलाल शर्मा ने जयपुर के सभी छोटे-बड़े गायत्री चेतना केन्द्रों के परिजनों से ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। सह व्यवस्थापक मणिशंकर पाटीदार ने शारदीय नवरात्र में साधना आंदोलन को गति देने का आह्वान किया।
गायत्री परिवार की ओर से हीरा पथ मानसरोवर स्थित आंगनबाड़ी में 21 बहनों का पुंसवन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर गर्भावस्था के दौरान पोषण एवं कुपोषण, गर्भ के ज्ञान-विज्ञान तथा दिनचर्या से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बहनों को गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, स्वास्थ्य और संस्कारों के महत्व के बारे में समझाया गया। अंत में सभी को गायत्री मंत्र लेखन पुस्तिका तथा गुरुदेव का साहित्य एवं प्रज्ञा अभियान की सामग्री वितरित की गई।
पंच कुंडीय यज्ञ में अर्पित की आहुतियां:
चेतना केन्द्र दुर्गापुरा पर पंच कुंडीय यज्ञ का आयोजन हुआ। विश्व कल्याण की कामना के साथ साधकों ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ का संचालन अखिल विश्व गायत्री परिवार जयपुर उपजोन के समन्वयक सुशील शर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से स्वाध्याय के तहत वंदनीया माताजी भगवती देवी शर्मा का प्रवचन सुनाया गया।
इस दौरान नवरात्रि अनुष्ठान को लेकर भी चर्चा हुई। नए साधकों को नवरात्रि साधना से जोडऩे का आह्वान किया गया। केन्द्र की ओर से 51 साधकों को 24,000 गायत्री मंत्र के अनुष्ठान से जोडऩे का संकल्प लिया गया।



















