जयपुर। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य एवं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य जगद्गरु वासुदेवानंद सरस्वती सोमवार को मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर पहुंचे। मंदिर महंत पं. कैलाश शर्मा ने शिष्य के रूप में उनकी अगवानी की और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने मोतीडूंगरी गणेशजी के दर्शन कर प्राणी मात्र की मंगल कामना की।
जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद महाराज ने कहा कि गौ माता पर नियंत्रण करने की बजाय गौ हत्या करने वालों पर नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में गौ हत्या पर रोक के प्रावधान हैं, इसके बावजूद गौ हत्या की घटनाएं होती हैं।
केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि कानून का प्रभावी पालन और गौ हत्या करने वालों पर नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने कहा कि जयपुर भगवान गणेश और ठाकुर गोविंद देव जी की नगरी है। वृंदावन से गोविंद देव जी, मदन मोहन जी, जुगल किशोर जी और मथुरेश जी यहां पधारे थे। बाद में मदन मोहन जी करौली, जुगल किशोर जी पन्ना और मथुरेश जी कोटा चले गए। वर्तमान में प्रमुख रूप से भगवान गणेश और गोविंद देव जी जयपुर में विराजमान हैं।
गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मुहिम के सवाल पर शंकराचार्य जी ने कहा कि ‘गावो विश्वस्य मातर:’ अर्थात गौ माता सृष्टि मात्र की माता हैं। उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता या विश्वमाता कहने के लिए किसी पर दबाव डालने की आवश्यकता नहीं है। सभी जीवों की माता होने के कारण गौ माता हमेशा पूज्य और वंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि हर मानव का कर्तव्य है कि गौ सेवा करे। केवल वाचिक हल्ला मचाने को वे उचित नहीं मानते ।



















