जयपुर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर नेहरू नगर, पानी पेच स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में श्री राधे रानी प्रभात फेरी मंडल के बैनर तले आयोजित 32वां नवान्ह पारायण महोत्सव मंगलवार कोारत पूर्णाहुति और भव्य आयोजनों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने सामूहिक पाठ, हवन और महाआरती में पूरी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया।
महोत्सव के अंतिम दिन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीरामचरितमानस के उत्तर कांड का पाठ रहा। आयोजन से जुड़े सुनील नाटाणी व सतीश बड़ाया ने बताया कि व्यास पीठ से रामस्वरूप नाटाणी के सान्निध्य में 251 आसनों पर बैठे श्रद्धालुओं ने उत्तर कांड की 120 चौपाइयों के सामूहिक पाठ पूर्ण किए।
इस दौरान मंदिर प्रांगण में “परहित सरिस धरम नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहि अधमाई…”, “सुनु खगपति यह कथा पावनी, सुभ अभिषेका महाराज कर दावनी…” और “त्रिबिध ताप भव भय सुनत लहहिं नर बिरति बिबेका…” जैसी पावन चौपाइयों के गान से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, जिस पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
सामूहिक पाठ के उपरांत मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ हवन-पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्रों से आए भक्तगण उपस्थित रहे। अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया, जिसके साथ ही नौ दिवसीय इस आध्यात्मिक और भव्य महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
















