जयपुर। जयपुर दक्षिण की नारायण विहार थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी लिंक, टेलीग्राम टास्क और लोन का झांसा देकर की जाने वाली साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए फर्जी और किराए के बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 42 एटीएम कार्ड, 20 बैंक चेकबुक, 10 पासबुक और 11 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और त्वरित निस्तारण के लिए पूरे राजस्थान में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत नारायण विहार थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मुखबिर की सूचना पर 30 अक्टूबर को नारायण सागर स्थित एक फ्लैट पर दबिश दी।
थानाधिकारी राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आकाश चौधरी (20) निवासी मोहनपुरा, मदनगंज-किशनगढ़, अजमेर और अमित वैष्णव (24) निवासी सलेमाबाद, रूपनगढ़, अजमेर को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी फिलहाल नारायण सागर स्थित फ्लैट में रह रहे थे।
20 लाख से अधिक की ठगी का लेनदेन
पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए। जब्त बैंक खातों और पासबुक का नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिलान करने पर देशभर से सात साइबर शिकायतें दर्ज होना सामने आया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों में अब तक 20 लाख रुपए से अधिक की ठगी की रकम प्राप्त हो चुकी है।
कमीशन लेकर आगे पहुंचाते थे ठगी की रकम
जांच में सामने आया कि आरोपी मुख्य साइबर अपराधियों को ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किराए पर या फर्जी तरीके से खुलवाए गए बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों में ठगी की रकम जमा होने के बाद आरोपी अपना कमीशन काट लेते थे। इसके बाद शेष रकम दूसरे बैंक खातों में ऑनलाइन स्थानांतरित कर देते थे या एटीएम से नकदी निकालकर मुख्य सरगना तक पहुंचाते थे।

















