पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की छठी मंजिल से कूदी एमबीए छात्रा की मौत

0
41
MBA student dies after jumping from the sixth floor of Poornima University
MBA student dies after jumping from the sixth floor of Poornima University

जयपुर। शिवदासपुरा थाना क्षेत्र स्थित पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में शनिवार सुबह एमबीए द्वितीय वर्ष की छात्रा यशस्वी रोहिल्ला (23) ने छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी। वह गुर्जर की थड़ी क्षेत्र के प्रेम नगर की रहने वाली थी। घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।

थानाधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि शनिवार सुबह छात्रा का मिड सेमेस्टर का पेपर था। परीक्षा शुरू होने से पहले वह कक्षा में अपने साथियों से सामान्य रूप से बातचीत कर रही थी। साथियों के मुताबिक, वह वॉशरूम जाने की बात कहकर बाहर निकली।

इस दौरान उसने किसी को फोन किया और फिर लौटकर अपना मोबाइल कक्षा में छोड़ दिया। इसके बाद वह छठी मंजिल पर पहुंच गई। कुछ विद्यार्थियों ने उसे छत पर देखा और बचाने के लिए दौड़े, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही वह नीचे कूद गई। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

विश्वविद्यालय स्टाफ ने तत्काल उसे अपने आपातकालीन वाहन से महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी और शनिवार को होने वाली परीक्षा भी स्थगित कर दी।

पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के प्रबंध निदेशक राहुल सिंधी के अनुसार यशस्वी पढ़ाई में होशियार थी और कुछ दिन पहले ही उसका नौकरी के लिए चयन हुआ था। विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता राकेश गुप्ता ने बताया कि सुबह 9:45 बजे एमबीए सेमेस्टर की परीक्षा होनी थी। परीक्षा हॉल में जाने से पहले छात्रा के पास फोन आया था। इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथियों से बातचीत के बावजूद फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

थानाधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। छात्रा का मोबाइल और बैग पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है। मोबाइल की जांच और अन्य पहलुओं के आधार पर घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों की ओर से फिलहाल कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यशस्वी के परिजन और रिश्तेदार महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में परिजन शोक में डूबे नजर आए। रिश्तेदारों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि छत तक पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था होनी चाहिए थी। उन्होंने हाल में सामने आए स्कूल सुरक्षा से जुड़े मामलों के बाद जारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए परिसर की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए।

यशस्वी के पिता का निधन हो चुका है। उसकी मां दुर्गा देवी सचिवालय के सांख्यिकी विभाग में कार्यरत हैं और मां ही उसकी पढ़ाई का खर्च उठा रही थीं। भाई शुभम अधिवक्ता हैं। बेटी की मौत की सूचना के बाद मां की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पहले अस्पताल लाया गया, बाद में हालत को देखते हुए घर भेज दिया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here