नकली घी के कारोबार पर क्राइम ब्रांच का छापा, दो फर्मों से 22,138 लीटर घी जब्त

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जयपुर। दीपावली से पहले आमजन की सेहत से खिलवाड़ कर बाजार में नकली और मिलावटी घी खपाने के कारोबार का सीआईडी क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। श्रीगंगानगर में दो अलग-अलग फर्मों पर छापेमारी कर पुलिस ने कुल 22,138 लीटर नकली एवं संदिग्ध घी जब्त किया है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपए बताई गई है। कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ नकली घी की बिक्री से प्राप्त 3.50 लाख रुपए और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गुजरात के सूरत से पाम ऑयल और वनस्पति मंगवाकर उसमें रसायन मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा एक्सपायरी घी के पुराने रैपर हटाकर नए स्टीकर और पैकिंग लगाई जाती थी। इसके बाद इसे शुद्ध देशी गाय का घी बताकर कम दामों में बाजार में बेचा जा रहा था।

अनन्या ट्रेडिंग कम्पनी से 16,394 लीटर घी बरामद

प्रदेश में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध शाखा) बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में कार्रवाई की गई। महानिरीक्षक के.बी. वंदना और उपमहानिरीक्षक प्रहलाद कृष्णियां के सुपरविजन में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में टीम ने आसूचना जुटाई। हेड कांस्टेबल बृजेश शर्मा को सूचना मिली थी कि श्रीगंगानगर में नकली घी तैयार कर विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है।

सूचना के सत्यापन के बाद सीआईडी क्राइम ब्रांच ने श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव और पुलिस उपाधीक्षक नितिन चौधरी से समन्वय कर सदर थाना पुलिस, जिला विशेष टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई की। पहली छापेमारी चौधरी कॉम्पलेक्स स्थित अनन्या ट्रेडिंग कम्पनी के गोदाम और फैक्ट्री पर की गई। यहां राम तायल (26), मुकेश कुमार (24), निवासी जवाहर नगर और विकास कुमार (42), निवासी लालगढ़ जाटान मिले। पूछताछ में राम तायल ने बताया कि उसकी पत्नी के नाम से कम्पनी संचालित है और करीब छह महीने से गोदाम किराये पर लेकर कारोबार किया जा रहा था।

चार ब्रांड के नाम से हो रही थी पैकिंग

गोदाम में त्रिसल्वा, बांसुरी, श्रीनंद और मायरा ब्रांड के नाम से पैक घी के टीन और कार्टन मिले। इनके अलावा बिना लेबल वाले टीन और एक्सपायरी घी भी बरामद हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर नमूने लिए। बरामद घी में त्रिसल्वा ब्रांड के 3,558 लीटर, बांसुरी के 6,275 लीटर, श्रीनंद के 5,586 लीटर और मायरा के 90 लीटर घी के साथ बिना लेबल वाले 390 लीटर तथा एक्सपायरी बांसुरी ब्रांड के 495 लीटर घी शामिल हैं। इस तरह यहां से कुल 16,394 लीटर घी जब्त किया गया। पैकिंग पर निर्माण तिथि 1 नवम्बर 2026 और समाप्ति तिथि 31 जुलाई 2027 अंकित थी।

गोदाम में पैकिंग मशीन, गैस भट्टी, सिलेंडर, करीब 60 से 70 लीटर क्षमता का बर्तन, विभिन्न ब्रांड के रैपर, स्टीकर, खाली कार्टन और डिब्बे भी मिले। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि डीलरों से लौटने वाले खराब और एक्सपायरी माल के पुराने रैपर हटाकर नए स्टीकर व रैपर लगाए जाते थे। इसके बाद माल को दोबारा बाजार में भेज दिया जाता था।

सूरत से मंगवाते थे पाम ऑयल और वनस्पति

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि राम तायल गुजरात की देवकुंज मिल्क प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड से पाम ऑयल और वनस्पति मंगवाता था। कम्पनी के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों से मोबाइल के जरिए संपर्क किया जाता था। माल की खरीद कुछ बिल के जरिए और कुछ बिना बिल के होने की बात भी सामने आई है। तैयार माल की सप्लाई श्रीगंगानगर के डीलर मुकेश कुमार डालमिया की जे.बी. ट्रेडिंग कम्पनी सहित अन्य डीलरों को की जाती थी। राम तायल और मुकेश कुमार ने सप्लाई एवं विपणन के लिए विकास कुमार को भी साथ रखा था, जिसे प्रति लीटर कमीशन दिया जाता था।

पुलिस ने राम तायल के कब्जे से घी की बिक्री के 3.50 लाख रुपए बरामद किए। तीनों आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन जब्त किए गए। गोदाम में रखे घी की बड़ी मात्रा को देखते हुए उसे मौके पर सुरक्षित रखकर शटर पर ताला लगाकर सील कर दिया गया। वहां खड़ी मारुति वैन को भी घी के परिवहन में इस्तेमाल किया जाना बताया गया है।

न्यू विजय ट्रेडिंग कम्पनी से 5,744 लीटर संदिग्ध घी जब्त

दूसरी कार्रवाई सूरतगढ़ बाईपास स्थित न्यू विजय ट्रेडिंग कम्पनी पर की गई। यहां से 5,744 लीटर संदिग्ध घी बरामद हुआ। खाद्य सुरक्षा विभाग ने घी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों फर्मों से जब्त घी की कुल मात्रा 22,138 लीटर है।

अन्य गोदामों और फर्मों पर भी जांच

कार्रवाई में सीआईडी क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक शैलेन्द्र शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक दुष्यंत सिंह, हेड कांस्टेबल कृष्ण गोपाल और बृजेश कुमार शर्मा की विशेष भूमिका रही। स्थानीय पुलिस की ओर से सदर थानाधिकारी सुभाष चन्द्र, उपनिरीक्षक रामपाल, हेड कांस्टेबल मनफूल और कांस्टेबल कैलाशचन्द्र शामिल रहे। जिला विशेष टीम के उपनिरीक्षक जयकुमार भादू, सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र जियानी सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने भी सहयोग किया।

सीआईडी क्राइम ब्रांच के अनुसार मामले में अन्य गोदामों और फर्मों पर भी कार्रवाई जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली और संदिग्ध घी की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की गई और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

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