जयपुर। दीपावली के पावन पर्व से ठीक आठ दिन पहले रविवार को छोटी काशी जयपुर में धार्मिक आस्था और व्यापारिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। रवि पुष्य नक्षत्र के साथ-साथ सर्वार्थसिद्धि योग और राजयोग के दुर्लभ त्रिवेणी महासंयोग में राजधानी के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सर्राफा से लेकर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रियल एस्टेट तक, हर सेक्टर में खरीदारों का जबरदस्त उत्साह नजर आया। वहीं, प्रमुख मंदिरों में भगवान गजानन का विशेष पूजन और वाहनों की डिलीवरी व पूजन का दौर दिनभर चलता रहा।
दीपावली और धनतेरस से पहले रवि पुष्य पर नए खरीदे गए दोपहिया और चौपहिया वाहनों के पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर से शुरू हुई वाहनों की कतारें जेएलएन मार्ग तक पहुंच गईं। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए वाहन पूजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं।
महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि आगामी पांच दिवसीय दीपोत्सव को लेकर एक-दो दिन में मोती डूंगरी मंदिर परिसर में भव्य रोशनी और सजावट की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि योग और राजयोग का एक साथ बनना अत्यंत दुर्लभ और शुभ माना गया है। इस दिन की गई खरीदारी, नए कार्यों का शुभारंभ, निवेश और पूजन अक्षय फल प्रदान करता है।
इस महामुहूर्त पर जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, एमआई रोड, मानसरोवर, वैशाली नगर सहित शहर के सभी प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में ग्राहकों की भारी चहल-पहल रही।
सोने-चांदी के सिक्कों, मूर्तियों और पारंपरिक व आधुनिक जेवरों की खरीदारी के लिए सर्राफा दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रही।
दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बंपर डिलीवरी हुई। नए वाहनों को घर ले जाने से पहले श्रद्धालुओं ने सीधे मंदिरों में जाकर पूजन करवाया। मकान-प्लॉट की बुकिंग व रजिस्ट्री के साथ-साथ टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स और बर्तनों की खरीदारी में भी ग्राहकों ने खासा उत्साह दिखाया।

















