जयपुर। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की जड़ों को मजबूत करने के लिए जयपुर में एक अनूठी और सराहनीय पहल देखने को मिली। रविवार, को जयपुर के पांच बत्ती स्थित ऐतिहासिक राजमंदिर सिनेमा में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना से भरपूर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
नीमकरौली बाबा की पावन प्रेरणा से वैदिक सनातन जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर की ओर से निःशुल्क फिल्म महोत्सव आयोजित किया गया। इस महोत्सव के दौरान भगवान हनुमान जी के अलौकिक जीवन, अटूट भक्ति और आदर्शों पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ का विशेष प्रदर्शन किया गया।
युवाओं को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम के निवेदक एवं धर्मरक्षक पंडित हरिशंकर बीलवाल ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज के आधुनिक दौर में युवाओं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। सिनेमा जैसे प्रभावी माध्यम के जरिए समाज में आस्था, सेवा, साहस, अनुशासन और समर्पण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से सहजता से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिल्म प्रदर्शन के दौरान राजमंदिर सिनेमा का माहौल पूरी तरह हनुमान भक्ति और सनातन संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। फिल्म देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी, युवा और परिवार पहुंचे। हॉल में दर्शकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को भव्य बना दिया।
दर्शकों ने भगवान हनुमान जी की अतुलनीय शक्ति, सेवा भाव और प्रभु श्रीराम के प्रति अनन्य समर्पण के प्रसंगों को गहराई से महसूस किया।
दर्शकों ने इस फिल्म महोत्सव की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक और सकारात्मक पहल बताया।

















