जयपुर। दीपावली की तैयारियों और खरीदारी के उल्लास के बीच शहर में कार्तिक कृष्ण एकादशी यानी रमा एकादशी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। चातुर्मास की अंतिम एकादशी पर श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं।
श्री गोविंद देवजी मंदिर में तड़के मंगला झांकी से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। इस अवसर पर ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर उन्हें लाल रंग की नई पोशाक धारण कराई गई। श्रृंगार झांकी में चंदन से विशेष सजावट की गई और गोचारण लीला से जुड़े आकर्षक आभूषण धारण कराए गए।
चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदरजी मंदिर में महंत मलय गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया गया। पुरानी बस्ती स्थित राधा गोपीनाथजी मंदिर में भी रमा एकादशी का उत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। यहां महंत सिद्धार्थ गोस्वामी की मौजूदगी में विशेष पूजा-अर्चना हुई।
पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज में पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन किए। इस दौरान एकादशी से जुड़े विशेष भजनों और पदों का गायन हुआ। रामगंज स्थित लाड़लीजी मंदिर में महंत संजय गोस्वामी के सान्निध्य में प्रभु को ताजे फलों का भोग अर्पित किया गया। मंदिर में अखंड ज्योत प्रज्वलित कर भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें गायकों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं।

















