जयपुर। राजधानी में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सीकर निवासी 60 वर्षीय कारोबारी ने एक महिला, उसके पति और एक सहयोगी पर हनीट्रैप में फंसाकर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर जयपुर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार पीड़ित कारोबारी फाइनेंस का व्यवसाय भी करते हैं। वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात एक परिचित के माध्यम से आरोपी महिला और उसके पति से हुई थी। महिला ने स्वयं को विदेश में नौकरी दिलाने वाली फर्म संचालित करने वाली बताया।
सितंबर 2025 में उसने विदेश भेजने के नाम पर युवकों से लिए गए पैसे खर्च हो जाने और अपने खिलाफ दर्ज मामले का हवाला देकर कारोबारी से आर्थिक मदद मांगी। उसने संपत्ति गिरवी रखकर ऋण लेने का भरोसा दिलाया, जिस पर कारोबारी ने अक्टूबर 2025 में 6.50 लाख रुपये दिए। इसके बदले महिला ने उन्हें एक चेक सौंपा।
शिकायत के अनुसार अप्रैल 2026 में महिला ने कारोबारी को यह कहकर होटल बुलाया कि फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि आने वाले हैं और उनकी गारंटी से उसका ऋण स्वीकृत हो जाएगा। 24 अप्रैल को होटल पहुंचने पर महिला ने अपने कार्ड से भुगतान नहीं होने का बहाना बनाकर कारोबारी के क्रेडिट कार्ड से बिल जमा कराया।
आरोप है कि बाद में महिला उन्हें कमरे में ले गई, जहां उसने शराब पिलाई। कारोबारी का आरोप है कि नशे की हालत में महिला ने उनके साथ आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं और बाद में इन्हीं तस्वीरों के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
शिकायत में कहा गया है कि शुरुआत में महिला ने 1 लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं मिलने पर उसने तस्वीरें परिवार और बेटे को भेजने की धमकी दी। इसके बाद जून 2026 में महिला ने कारोबारी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया।
कारोबारी का आरोप है कि इसके बाद महिला के एक परिचित ने फोन और व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेजकर कहा कि गिरफ्तारी से बचना है तो 1 करोड़ रुपये देकर समझौता करना होगा। जब कारोबारी ने पहले दिए गए 6.50 लाख रुपये लौटाने की बात कही तो आरोपियों ने कथित रूप से रकम भूल जाने और नया भुगतान करने का दबाव बनाया।
पुलिस के अनुसार महिला द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म प्रकरण की जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर जुलाई 2026 में मामले में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) प्रस्तुत की गई। इसके बाद कारोबारी की शिकायत पर 31 जुलाई को महिला, उसके पति और एक सहयोगी के खिलाफ रंगदारी, ब्लैकमेलिंग और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका के संबंध में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



















