जयपुर। नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। टिकट नहीं मिलने और प्रत्याशियों के चयन को लेकर नाराज कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के आवास का घेराव कर धरना दिया। वहीं जयपुर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी भी टिकट वितरण से नाराज होकर शहर प्रभारी रोहित बोहरा के आवास के बाहर सड़क पर बैठ गए। अलग-अलग स्थानों पर हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने स्थानीय और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
तिवाड़ी ने रोहित बोहरा पर आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र से पार्टी को दिए गए नामों को दरकिनार कर उनकी सहमति के बिना दूसरे लोगों को टिकट दे दिए गए। उनके अनुसार पहले शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा से बातचीत हुई थी और करीब 15 वार्डों के प्रत्याशियों के नामों पर सहमति भी बन गई थी, लेकिन अंतिम समय में अचानक बातचीत बंद कर दी गई। स्थिति यह है कि उन्हें भी पता नहीं चल रहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने किसे सिंबल दिया है।
तिवाड़ी ने कहा कि प्रभारी महामंत्री रोहित बोहरा ने दो दिन पहले उन्हें बुलाकर प्रत्याशियों को लेकर चर्चा की थी। सभी वार्डों में लगभग सहमति बन गई थी, लेकिन इसके बाद सुनील शर्मा ने अचानक फोन बंद कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रत्याशियों के नामों पर सहमति बन गई थी तो बातचीत क्यों बंद की गई।
तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने वाले लोगों को भी नगर निगम चुनाव में टिकट दिया गया है। उन्होंने वार्ड 146 में पप्पू कुरैशी को टिकट देने पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक अन्य वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी को चुनाव हराने वाले निर्दलीय पार्षद को टिकट दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एआईएमआईएम समर्थक रहे एक नेता को वार्ड 146 से टिकट दिया गया है, जबकि वह कांग्रेस का प्राथमिक सदस्य तक नहीं है।

इधर पूर्व शहर अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी पर भी दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में दखल देने का आरोप लगाया। तिवाड़ी ने कहा कि विधायक किसी एक समुदाय के नहीं,बल्कि पूरी विधानसभा के प्रतिनिधि होते हैं। उनके अनुसार दोनों नेताओं ने उनके और अन्य हारे हुए प्रत्याशियों के विधानसभा क्षेत्रों में हस्तक्षेप कर अपने समर्थकों को टिकट दिलवाए हैं। उन्होंने शहर कांग्रेस अध्यक्ष पर भी विधायकों के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
तिवाड़ी ने कहा कि वह लंबे समय से कांग्रेस के सिपाही हैं और पार्टी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 1978 में इंदिरा गांधी के समर्थन में जेल गए थे और उस समय उनकी उम्र 22 वर्ष थी। उन्होंने कहा कि वह आखिरी दम तक कांग्रेस में रहेंगे। तिवाड़ी ने चेतावनी दी कि टिकट वितरण से कार्यकर्ताओं में पैदा हुआ असंतोष चुनाव में पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इधर बगरू विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 71 में टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदार के समर्थक भी सुनील शर्मा के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें टिकट का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अंतिम समय में किसी और को प्रत्याशी बना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पार्टी के पास अभी प्रत्याशी बदलने का समय है। यदि प्रत्याशी नहीं बदला गया तो वे सामूहिक इस्तीफा देंगे। कार्यकर्ताओं ने हाईकमान से हस्तक्षेप कर सुनील शर्मा को पद से हटाने की मांग भी की।
इसी तरह महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मंजूलता मीणा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भी सुनील शर्मा के आवास का घेराव किया। मीणा ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर सक्रिय और स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों अथवा करीबी नेताओं को टिकट दिए जा रहे हैं।
मीणा ने बताया कि वह बगरू विधानसभा क्षेत्र के जगतपुरा ब्लॉक स्थित वार्ड 64 से टिकट की दावेदार हैं। यह वार्ड एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है और वह इसी क्षेत्र की स्थानीय निवासी व मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष के तौर पर वह लगातार संगठन के लिए काम कर रही हैं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को जमीनी स्तर पर उठाती रही हैं। उन्होंने पार्टी के नियमों और महिला कांग्रेस कोटे के आधार पर वार्ड 64 से टिकट देने की मांग की। मीणा ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने सड़क से लेकर पार्टी के मंच तक कांग्रेस की आवाज को मजबूती से उठाया है। ऐसे में चुनाव के समय जमीनी कार्यकर्ताओं को भी अवसर मिलना चाहिए।
कांग्रेस की ओर से निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर स्थानीय निवासी और जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिस वार्ड से उम्मीदवार चुनाव लड़ना चाहता है, उसका उसी वार्ड का निवासी होना जरूरी होगा और वार्ड बदलकर टिकट मांगने की कोशिशों को हतोत्साहित किया जाएगा। मंजूलता मीणा इसी गाइडलाइन का हवाला देते हुए अपनी दावेदारी जता रही हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान में नगर निकाय चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो चुका है। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 11 सितंबर को मतदान होगा, जबकि सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।। इधर भाजपा ने सोमवार को जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। वहीं कांग्रेस में अलग-अलग क्षेत्रों से सामने आए विरोध ने पार्टी के सामने प्रत्याशी चयन के बाद डैमेज कंट्रोल की चुनौती खड़ी कर दी है।



















