17 साल से फरार 25 हजार का इनामी चरस तस्कर अनंतनाग से गिरफ्तार

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जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में कार्रवाई करते हुए 17 साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी चरस तस्कर शबीर अहमद खान उर्फ हाजी (51) खनाबल जिला अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर) को गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ ने इसके लिए ‘ऑपरेशन विषधरसीम’ चलाया। आरोपी पर वर्ष 2009 में दर्ज चरस तस्करी के मामले में इनाम घोषित था और वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था।

एएनटीएफ महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि वर्ष 2009 में दिल्ली से अहमदाबाद जा रही ट्रेन से चरस की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। जांच में कश्मीर से गुजरात तक फैले तस्करी नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार के रूप में अनंतनाग निवासी शबीर अहमद उर्फ हाजी का नाम सामने आया था। मामले में जीआरपी आबू रोड पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

आरोपी को पकड़ने के लिए जयपुर से एएनटीएफ की विशेष टीम अनंतनाग पहुंची। 17 साल पुराने आरोपी का हुलिया और ठिकाना पता करने के लिए टीम ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अलग-अलग तरीके अपनाए। पुलिसकर्मी कभी बाइकर तो कभी भेड़-बकरियां चराने वाले मजदूर बनकर इलाके और स्थानीय दुकानों में रेकी करते रहे।

इसी दौरान टीम को जानकारी मिली कि आरोपी के पास ग्रे रंग की 800 कार है। टीम ने संदिग्ध इलाके में तीन दिन तक निगरानी रखी। कार दिखाई देने के बाद उसका पीछा किया गया और टीम आरोपी के घर तक पहुंच गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से घर पर दबिश देकर शबीर अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने शुरुआत में अनंतनाग में चिकित्सा प्रतिनिधि (एमआर) के रूप में काम किया। इसी दौरान उसने चरस के खरीदारों का नेटवर्क तैयार किया। उसके पिता सिविल ठेकेदार थे और गांव में चरस तैयार कर सप्लाई करते थे। पिता से प्रभावित होकर शबीर कम उम्र में ही तस्करी से जुड़ गया।

आरोपी ने बाहरी राज्यों में संपर्क बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिशियन ठेकेदार का ए-क्लास कार्ड बनवाया और राजस्थान में एक कंपनी का ठेका हासिल किया। काम के बहाने उसने राजस्थान सहित अन्य राज्यों के तस्करों से संपर्क मजबूत किए और अपना नेटवर्क फैलाया।

पुलिस के अनुसार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद स्थानीय स्तर पर सख्ती बढ़ी तो आरोपी ने अपना तरीका बदला और दूसरे राज्यों में बड़े स्तर पर चरस की खेप भेजने लगा।

17 साल तक पुलिस से बचते रहे आरोपी को जब राजस्थान एएनटीएफ की टीम ने उसके घर से पकड़ा तो वह हैरान रह गया। पूछताछ में उसने बताया कि उसे विश्वास था कि बाहरी राज्यों की पुलिस आतंकवाद प्रभावित अनंतनाग तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार नहीं कर पाएगी। कार्रवाई की पूरी योजना जानने के बाद आरोपी ने एएनटीएफ प्रमुख से मिलने की इच्छा भी जताई।

एएनटीएफ आरोपी से पूछताछ कर उसके पुराने तस्करी नेटवर्क, संपर्कों और अन्य राज्यों में सक्रिय सहयोगियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

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