जयपुर। विश्वास दरबार के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में रविवार को श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह उत्सव का भव्य मंचन किया गया। कथा में विवाह प्रसंग के सजीव चित्रण और भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
सेक्टर-2, विद्याधर नगर स्थित ‘उत्सव’ मैरिज हॉल में 9 जून से 16 जून तक आयोजित कथा में वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक अनिल कृष्ण शास्त्री महाराज श्रीमद् भागवत कथा का वाचन कर रहे हैं। कथा का आयोजन विक्रम नाथ महाराज पालवास वालों के पावन सानिध्य में किया जा रहा है।
रविवार को कथा के दौरान महारास झांकी, चीरहरण, बलराम और कृष्ण के मथुरा गमन तथा गोपी-उद्धव संवाद के प्रसंगों का वर्णन किया गया। उद्धव और भगवान कृष्ण की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनकर अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
इसके बाद श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह उत्सव का आयोजन हुआ। कथा स्थल को रंग-बिरंगी झालरों, पताकाओं और गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भगवान श्रीकृष्ण की बारात निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए। विवाह प्रसंग के दौरान श्रीकृष्ण और रुक्मणि की वरमाला झांकी प्रस्तुत की गई तथा महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाकर उत्सव में उल्लास का वातावरण बना दिया।
कथावाचक अनिल कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह प्रसंग का श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से दांपत्य जीवन में प्रेम, मधुरता और सुख-समृद्धि का वास होता है। साथ ही भगवान की कृपा और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
विवाह उत्सव में मुरलीधर शर्मा, प्रवीण शर्मा एवं परिवार की ओर से विदाई सामग्री अर्पित की गई। कार्यक्रम में हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य महाराज तथा पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विश्वास दरबार से जुड़े विमल कुमार सोनी ने बताया कि सोमवार को कथा का विराम दिवस रहेगा। इस अवसर पर विश्वास दरबार में बाबा श्याम का भव्य संकीर्तन आयोजित किया जाएगा, जिसमें संजय मित्तल, ज्योति खन्ना (कोलकाता) एवं राजू खंडेलवाल (मुंबई) अपनी प्रस्तुतियां देंगे।



















