जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी और बैकडेटेड बीपीएड डिग्री के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्य साईं प्रौद्योगिकी एवं मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के कुलपति मुकेश तिवाड़ी, परीक्षा नियंत्रक संजय राठौड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर आनंद शर्मा को को गिरफ्तार किया है। तीनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि मुख्यमंत्री की भर्ती परीक्षाओं में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की गई है। प्रकरण की जांच आईजी अजय पाल लाम्बा, डीआईजी भुवन भूषण यादव और एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में की जा रही है।
जांच में सामने आया कि सांचौर जिले के धानता निवासी अभ्यर्थी भारमल राम ने पीटीआई भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी के जरिए परीक्षा दी थी। आवेदन के समय उसने ओपीजेएस विश्वविद्यालय, चूरू की डिग्री का उल्लेख किया था, जबकि दस्तावेज सत्यापन के दौरान मध्यप्रदेश के श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय की बीपीएड डिग्री प्रस्तुत की।
एसओजी ने न्यायालय से वारंट लेकर विश्वविद्यालय में तलाशी ली और कंप्यूटर डेटा जब्त किया। फॉरेंसिक वित्तीय ऑडिट में भारमल राम के नाम से फीस के दो अलग-अलग लेजर खाते सामने आए। जांच में यह भी पाया गया कि परीक्षा परिणाम 21 अक्टूबर 2022 को जारी हुआ था, जबकि फीस से संबंधित प्रविष्टियां बाद की तारीखों में बैकडेट करके दर्ज की गई थीं।
एसओजी की जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय में बीपीएड की 100 सीटें स्वीकृत हैं। इसके बावजूद पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में 66 अभ्यर्थियों ने इसी विश्वविद्यालय की बीपीएड डिग्री प्रस्तुत की। जांच एजेंसी को आशंका है कि इनमें से अधिकांश डिग्रियां बैकडेट में जारी की गईं। अब एसओजी इन सभी अभ्यर्थियों की डिग्रियों और उनसे जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।
इस मामले में मूल अभ्यर्थी भारमल राम को पूर्व में गिरफ्तार कर उसके खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है। एसओजी अब विश्वविद्यालय स्तर पर डिग्री जारी करने की प्रक्रिया और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।



















