जयपुर। अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) के शहीद जवानों के परिजनों ने राज्य सरकार की नीतियों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए जयपुर के शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। करीब 100 शहीदों के परिजन कारगिल पैकेज, अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य राज्यस्तरीय सुविधाओं में समानता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण एमआई रोड पर यातायात प्रभावित हुआ और भारी जाम की स्थिति बन गई।
धरने पर बैठी वीरांगनाओं और शहीदों के आश्रितों का कहना है कि देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में अर्धसैनिक बलों के जवानों का बलिदान किसी भी अन्य शहीद से कम नहीं है। ऐसे में शहीद परिवारों को सम्मान, मुआवजा, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य सरकारी सुविधाओं में समान अधिकार मिलना चाहिए।
शहीद परिवारों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर वर्षों से चली आ रही नीतिगत विसंगतियों को दूर करने की मांग की। उनका कहना है कि राज्य सरकार की मौजूदा नीतियों में 1 अप्रैल 1999 की कट ऑफ डेट निर्धारित होने के कारण इससे पहले शहीद हुए अर्धसैनिक जवानों के परिवार कारगिल पैकेज, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य राजकीय सुविधाओं से वंचित हैं।
मुन्नी देवी, टीपू कंवर और भंवरी बेगम ने कहा कि शहादत को किसी तारीख के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में नहीं बांटा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मानवीय और न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द नीतिगत निर्णय लेने की मांग की।
धरने पर बैठे शहीदों के आश्रितों ने कहा कि वे पिछले कई दशकों से अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।



















