जयपुर। राजधानी में साइबर ठगों ने बैंक की ई-केवाईसी अपडेट और सीनियर सिटीजन कार्ड के फायदे बताने के नाम पर दो बुजुर्गों को निशाना बनाकर करीब 30.03 लाख रुपए ठग लिए। दोनों मामलों में ठगों ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर विश्वास में लिया और बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद खातों से रकम निकाल ली। जवाहर सर्किल और महेश नगर थाने में मामले दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नकली बैंक मैनेजर बनकर 6.82 लाख उड़ाए
जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेशचंद्र के अनुसार दुर्गापुरा के चन्द्रकला कॉलोनी निवासी 71 वर्षीय गोपा चक्रवर्ती ने साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला के मोबाइल पर 22 जुलाई को दो अज्ञात नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का मैनेजर अभिजीत रॉय बताते हुए बैंक खाते की ई-केवाईसी पेंडिंग होने की बात कही।
आरोपी ने ई-केवाईसी के नाम पर महिला से आधार कार्ड, पैन कार्ड और डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी। महिला ने फोन पर जानकारी साझा कर दी। कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से 6,82,980 रुपए निकल गए। मोबाइल पर ट्रांजेक्शन के मैसेज आने के बाद ठगी का पता चला। पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कॉल करने वाले नंबर और रकम जिन खातों में गई, उनका तकनीकी विश्लेषण शुरू कर दिया है।
एपीके फाइल क्लिक करते ही खाते से निकले 23.20 लाख
दूसरा मामला महेश नगर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित सुनील गोयल ने पुलिस को बताया कि 13 अगस्त को उनके पिता जगदीश प्रसाद के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने के फायदे गिनाए। इसके बाद प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर वाट्सऐप पर एक एपीके फाइल भेजी।
बुजुर्ग ने फाइल पर क्लिक किया तो कुछ ही देर में बैंक खाते से ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। उनके खाते से 23,20,200 रुपए निकाल लिए गए। महेश नगर थानाधिकारी मदन कड़वासरा ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने वालों को आधार, पैन, डेबिट कार्ड, ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें और अनजान एपीके फाइल पर क्लिक न करें।



















