जयपुर । त्योहारी सीजन में फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डेज और अमेजन की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल जैसी ई-कॉमर्स सेल के दौरान साइबर ठग भारी छूट, आकर्षक कैशबैक और सीमित समय के ऑफर का लालच देकर लोगों को निशाना बना सकते हैं। इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच (आर-4-सी) ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि ठग “आज ही खरीदें”, “केवल दो मिनट बाकी” और “अभी भुगतान करें, वरना ऑफर खत्म” जैसे संदेशों से लोगों पर जल्दबाजी में फैसला लेने का दबाव बनाते हैं। इसके लिए फर्जी वेबसाइट, नकली मोबाइल ऐप, संदिग्ध लिंक और भुगतान से जुड़े हथकंडे अपनाए जाते हैं।
पुलिस ने सलाह दी है कि भारी छूट देखकर जल्दबाजी में भुगतान न करें। ऑफर की पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर स्वयं करें। व्हाट्सऐप, एसएमएस, टेलीग्राम और सोशल मीडिया पर मिले अनजान लिंक से खरीदारी करने से बचें। वेबसाइट का डोमेन ध्यान से जांचें, क्योंकि एचटीटीपीएस या ताले का निशान होना वेबसाइट के असली होने की गारंटी नहीं है। मोबाइल ऐप केवल आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड करें।
यूपीआई पिन का इस्तेमाल पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि भुगतान की अनुमति देने के लिए होता है। इसलिए रिफंड या कैशबैक के नाम पर यूपीआई पिन डालने अथवा क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए कहे जाने पर सतर्क रहें। कस्टमर केयर नंबर आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लें। अनजान व्यक्ति के कहने पर एनीडेस्क, टीमव्यूअर या अन्य रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें और स्क्रीन साझा कर बैंकिंग या भुगतान न करें।
ऑनलाइन खरीदारी के लिए कम सीमा वाला कार्ड या अलग बैंक खाता इस्तेमाल करने पर विचार करें। कार्ड की ऑनलाइन और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन सुविधा जरूरत के अनुसार ही चालू रखें। बैंक खातों और कार्ड के एसएमएस व ईमेल अलर्ट सक्रिय रखें तथा ई-कॉमर्स, ईमेल और बैंकिंग खातों के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें। रिफंड के नाम पर अनजान ऐप इंस्टॉल न करें और ऑर्डर व डिलीवरी की स्थिति आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही जांचें। सार्वजनिक वाई-फाई पर बैंकिंग या बड़ी राशि का भुगतान करने से भी बचें।
पुलिस ने कहा है कि खाते से संदिग्ध लेन-देन होने या गलती से पैसे ट्रांसफर होने पर तुरंत बैंक अथवा कार्ड जारीकर्ता से संपर्क करें। लेन-देन की तारीख, राशि, यूटीआर या ट्रांजेक्शन आईडी, संबंधित फोन नंबर, वेबसाइट का पता और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।



















