शनि जयंती पर जयपुर शनिमय: मंदिरों में उमड़ी आस्था

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Jaipur Immersed in the Spirit of Shani on Shani Jayanti: Devotion Swells in Temples
Jaipur Immersed in the Spirit of Shani on Shani Jayanti: Devotion Swells in Temples

जयपुर। ज्येष्ठ अमावस्या पर शनिवार को राजधानी जयपुर पूरी तरह भक्ति और आस्था में सराबोर नजर आई। शनि जयंती, शनैश्चरी अमावस्या और वट सावित्री व्रत के अवसर पर शहरभर के शनि मंदिरों, धार्मिक स्थलों और वट वृक्षों के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दिनभर तेलाभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना, भजन संध्या, झांकियों, महाआरती और भंडारों का दौर चलता रहा।

शनिधामों में हुआ 151 और 251 किलो तेल से महाअभिषेक

बापू नगर जनता स्टोर स्थित श्री सिद्ध पीठ शनिधाम नवग्रह मंदिर में महंत शंकर लाल महाराज के सानिध्य में भगवान शनिदेव का 151 किलो तेल से महातेलाभिषेक किया गया। भगवान को नवीन काली पोशाक धारण करवाई गई तथा फूल बंगला झांकी सजाकर लड्डुओं का भोग लगाया गया। मंदिर प्रवक्ता नारायण गौशिल ने बताया कि श्रद्धालुओं ने शनि दोष और साढ़ेसाती से मुक्ति की कामना करते हुए काले तिल, सरसों का तेल, काली दाल, काला छाता सहित विभिन्न काली वस्तुएं अर्पित कीं। महाआरती के बाद पंगत प्रसादी भंडारे का आयोजन हुआ।

वहीं सिद्धार्थ नगर रेलवे हेड ऑफिस के पीछे स्थित श्री शनिदेव मंदिर में मंदिर पुजारी कमलेश शर्मा के सानिध्य में भगवान का 251 किलो तेल से तेलाभिषेक किया गया। इसके बाद फूलों से भव्य श्रृंगार कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई तथा खीर, इमरती और शीतल व्यंजनों का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने 1008 दीपकों से भगवान की महाआरती कर भक्तिमय वातावरण बनाया। मंदिर प्रवक्ता कमलेश शर्मा ने बताया कि सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं द्वारा तेलाभिषेक और दान-पुण्य का सिलसिला जारी रहा।

शनिदेव जयंती पर अमृत ग्रुप की ओर से विशेष पूजा-अर्चना भी की गई। कार्यक्रम में समाजसेवी राजन सरदार, पंडित दीपक, कमलेश, प्रकाश शर्मा सहित गीता देवी, यशवंत सिंह, दीवीशा, जितेंद्र सिंह, वानी, जानवी, नंदिनी, ताक्षवी, मलिंगा, शनाया एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

रंगीन बर्फ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

एमआई रोड स्थित शनिधाम मंदिर में महंत मगन गौड़ के सानिध्य में पंचामृत एवं महातेला अभिषेक किया गया। शाम को फूल बंगला और रंगीन बर्फ से विशेष बर्फानी झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। शनिदेव को कचोरी, खीर और मालपुए का भोग लगाया गया।

चारदीवारी के मोहल्ला डाकोतान स्थित शनि मंदिर, सिंधी कैंप, मानसरोवर, टोंक रोड, सीकर रोड, मुरलीपुरा, वैशाली नगर, जगतपुरा, खातीपुरा, मालवीय नगर, सिरसी रोड और दिल्ली रोड स्थित मंदिरों में भी दिनभर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन हुए।

20 वर्षों में चौथी बार बना विशेष संयोग

इस बार शनि जयंती का विशेष महत्व रहा, क्योंकि 20 वर्षों में चौथा अवसर था जब शनि जयंती शनिवार को आई। भरणी नक्षत्र, शोभन और सौभाग्य योग के विशेष संयोग में श्रद्धालुओं ने शनि कृपा की कामना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने तिल, तेल, काला वस्त्र, उड़द और अन्य सामग्री का दान कर शनि दोष से मुक्ति की प्रार्थना की।

वट सावित्री व्रत पर महिलाओं ने मांगा अखंड सौभाग्य

शहर में वट सावित्री व्रत भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और सोलह श्रृंगार कर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की तथा पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने वट वृक्ष की सात परिक्रमा कर कच्चा सूत बांधा और सावित्री-सत्यवान कथा का श्रवण किया। कई स्थानों पर सामूहिक भजन-कीर्तन और कथा वाचन भी आयोजित हुए।

पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप और समर्पण से यमराज से पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है।

हाथोज बालाजी मंदिर में भी उमड़े श्रद्धालु

हाथोज स्थित श्री दक्षिण मुखी बालाजी मंदिर में शनैश्चरी अमावस्या पर विशेष धार्मिक आयोजन हुए। हाथोज धाम पीठाधीश्वर स्वामी बालमुकुंदाचार्य के सानिध्य में बालाजी महाराज का चमेली के तेल से अभिषेक किया गया तथा मोगरे के फूलों की आकर्षक झांकी सजाई गई।

महंत पुरुषोत्तम दास महाराज ने बताया कि श्री बालाजी जन कल्याण सेवा ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं को सिकंजी और कैरी की छाछ वितरित की गई। संध्याकालीन महाआरती और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।

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