जयपुर। यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर निकाली गई ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ के दौरान जयपुर में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर श्री राजपूत करणी सेना ने राज्य सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि निर्धारित अवधि में मांगें नहीं मानी गई तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव, राजस्थान बंद और निकाय व पंचायत चुनावों में भाजपा के खिलाफ जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
मकराना ने आरोप लगाया कि संगठन ने 24 दिनों में करीब 800 किलोमीटर की पदयात्रा कर 50-60 कस्बों में यूजीसी नियमों के विरोध में जनजागरण किया। जयपुर में प्रशासन से सहमति के बावजूद कालवाड़ पुलिया के पास प्रदर्शनकारियों पर बिना चेतावनी वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया गया, जिसमें महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर भी बल प्रयोग हुआ। उन्होंने दावा किया कि वाटर कैनन की चपेट में आने से घायल हुए देवराज सिंह पलाड़ा की बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई।
करणी सेना ने एडिशनल एसपी बजरंग सिंह, डीवाईएसपी बी.एल. मीणा और एसएचओ गुरु भूपेंद्र को निलंबित करने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
मकराना ने सरकार के साथ विपक्ष पर भी उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। इसके तहत राजस्थान सहित मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में पदयात्राएं निकाली जाएंगी तथा बाद में दिल्ली कूच कर केंद्र सरकार के समक्ष भी मांगें रखी जाएंगी।



















