यूजीसी नियमों के खिलाफ जयपुर में गरजी करणी सेना

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Karni Sena lashes out in Jaipur against UGC norms.
Karni Sena lashes out in Jaipur against UGC norms.

जयपुर। यूजीसी के प्रस्तावित नए नियमों को वापस लेने तथा सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ओर से सोमवार को जयपुर में विशाल प्रदर्शन किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में निकली ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ के समापन पर कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए रैली को विभिन्न स्थानों पर रोक दिया।

इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में कलेक्ट्रेट सर्किल के पास हल्का लाठीचार्ज भी किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदेश सहित 24 राज्यों से पहुंचे समर्थक

करणी सेना के अनुसार प्रदर्शन में राजस्थान के जयपुर, बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर सहित कई जिलों के अलावा 24 राज्यों से भी बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। सोमवार सुबह से ही कालवाड़ रोड स्थित रावण गेट पर हजारों की संख्या में लोग जुटने लगे। नारेबाजी करते हुए रैली कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ी।

कई जगह रोकी गई रैली, बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े कार्यकर्ता

पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 200 फीट बाइपास, कालवाड़ पुलिया, झोटवाड़ा पुलिया और चौमूं पुलिया सहित कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल और एसटीएफ तैनात की थी। प्रशासन ने यात्रा को शहर के भीतर कलेक्ट्रेट तक ले जाने की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ते रहे। चौमूं पुलिया और बाद में कलेक्ट्रेट क्षेत्र में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के साथ भी धक्का-मुक्की की घटना सामने आई।

वाटर कैनन और लाठीचार्ज

स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन वाहन तक पहुंचने का प्रयास भी किया। बाद में कलेक्ट्रेट सर्किल के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। करणी सेना का आरोप है कि कार्रवाई में महिलाओं पर भी वाटर कैनन और लाठियां चलाई गईं तथा एक कार्यकर्ता का पैर टूट गया। वहीं लाठीचार्ज के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी खासाकोठी पुलिया के नीचे सड़क पर धरने पर बैठ गए।

एंबुलेंस को दिया रास्ता

प्रदर्शन के दौरान भीड़ के बीच एक एंबुलेंस फंस गई। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत रास्ता खाली कराया और एंबुलेंस को सुरक्षित निकलने दिया।

24 दिन पहले देशनोक से शुरू हुई थी यात्रा

महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी के प्रस्तावित नियमों के विरोध में करीब 24 दिन पहले बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर से ‘सवर्ण न्याय यात्रा’ की शुरुआत की थी। यात्रा कई जिलों से गुजरते हुए रविवार को जयपुर पहुंची। इससे पहले यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और वे बेहोश हो गए थे, लेकिन उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर भी यात्रा जारी रखी। रविवार रात गोविंदपुरा से बजरंग द्वार तक मशाल जुलूस भी निकाला गया।

क्या है यूजीसी के प्रस्तावित नियम?

यूजीसी के प्रस्तावित नियमों के तहत प्रत्येक कॉलेज में इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर (ईओसी) और इक्वलिटी कमेटी का गठन अनिवार्य होगा। भेदभाव संबंधी शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर बैठक, 15 दिन में जांच रिपोर्ट और उसके बाद कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर यूजीसी अनुदान रोकने, ऑनलाइन एवं डिस्टेंस कोर्स बंद करने तथा गंभीर मामलों में मान्यता समाप्त करने जैसी कार्रवाई कर सकता है।

विरोध के कारण

करणी सेना और अन्य विरोधी संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित नियमों में सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। उनका आरोप है कि झूठी शिकायतों के विरुद्ध कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान नहीं है और इससे शिक्षण संस्थानों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा। संगठन का यह भी कहना है कि किसी भी व्यवस्था से छात्रों को “जन्मजात अपराधी” की तरह देखने की स्थिति नहीं बननी चाहिए।

मकराना बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान हो

राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि संगठन पिछले कई महीनों से लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने यात्रा में बाधा डालने के लिए बसों को रोका और लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में परेशानियां पैदा कीं। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है और यदि समाज की आवाज दबाने का प्रयास किया गया तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पूरे मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। प्रदर्शन के बाद सुरक्षा व्यवस्था सामान्य कर दी गई।

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