जयपुर। छोटी काशी जयपुर में कार्तिक मास के दौरान भक्ति और साधना का विशेष वातावरण रहेगा। भगवान श्री दामोदर की आराधना, हरिनाम संकीर्तन, तुलसी पूजन, दीपदान और मंदिरों की परिक्रमा के लिए श्रद्धालु पूरे महीने नियम सेवा करेंगे। जयपुर के आराध्य देव, राधा दामोदर जी, राधा गोपीनाथ जी, इस्कॉन मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। गोविंद देवजी मंदिर में मंगला झांकी सवा घंटे खुली रहेगी। एक माह तक रहकर साधना, भजन और पूजन में समय बिताएंगे। उनके लिए यह समय केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं, बल्कि अपनी दिनचर्या को साधना में ढालने, संयम बरतने और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण व्यक्त करने का अवसर होगा।
कार्तिक मास में श्रद्धालुओं की दिनचर्या सुबह मंगला आरती से शुरू होगी। इसके बाद नामजप, हरिनाम संकीर्तन, मंदिरों में दर्शन, पूजा-अर्चना और परिक्रमा जैसे धार्मिक अनुष्ठान होंगे। संध्या के समय दीपदान और आरती के साथ भक्ति का क्रम आगे बढ़ेगा। इस दौरान खानपान की व्यवस्था भी विशेष रहेगी। मसालेदार व्यंजनों के बजाय श्रद्धालु सादा और सात्विक भोजन ग्रहण करेंगे, जिसमें उबली सब्जी और रोटी प्रमुख होगी।
इस्कॉन मंदिर में कार्तिक मास में श्रद्धालु नियम सेवा के तहत भगवान की आराधना, नामजप और संकीर्तन को विशेष महत्व देते हैं। इस दौरान आवास, भोजन और धार्मिक गतिविधियों की व्यवस्था की जाती है, ताकि श्रद्धालु नियमित रूप से साधना कर सकें।

















