जयपुर । पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में अपराध समीक्षा बैठक लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान, विभागीय कार्यवाहियों और विशेष अभियानों की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पुलिस आयुक्त, रेंज आईजी, डीसीपी और जिला एसपी जुड़े। डीजीपी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित व सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं वर्ष 2024 की तुलना में जुलाई 2026 तक प्रदेश में कुल अपराध 17.25 प्रतिशत और संपत्ति संबंधी अपराध 32.32 प्रतिशत घटे हैं। वर्ष 2025 की तुलना में पॉक्सो मामलों में 21.56 प्रतिशत, डकैती में 25.49, लूट में 20.84, बालिग दुष्कर्म में 10.67 और हत्या के प्रयास में 9.81 प्रतिशत कमी दर्ज की गई।
डीजीपी ने साइबर थानों में स्टाफ, एफआईआर व गिरफ्तारियों की स्थिति, म्यूल बैंक खातों और साइबर हॉटस्पॉट की पहचान तथा साइबर अपराध में इस्तेमाल सिम पर कार्रवाई की समीक्षा की। साइबर स्लेवरी और अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई तथा OCWC/Tipline शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
इसके अलावा एटीएस, एजीटीएफ और एएनटीएफ की कार्रवाई की समीक्षा करते हुए नार्को-सेल गठन, केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय, एनसीओआरडी पोर्टल अपडेट और वाणिज्यिक मात्रा के मादक पदार्थ मामलों में वित्तीय अनुसंधान मजबूत करने को कहा गया। ‘लक्ष्मण रेखा’ अभियान में जनजागरूकता शिविर बढ़ाने और मानस पोर्टल के लंबित परिवादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए। 20 जुलाई से 2 अगस्त तक विशेष अभियान में 1,248 वांछित/संगठित अपराधी गिरफ्तार किए गए। एनडीपीएस के 614, आर्म्स एक्ट के 226 और अवैध खनन के 474 प्रकरण दर्ज हुए, जबकि 426 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए।
इसके अलावा डमी अभ्यर्थी, पेपर लीक, फर्जी डिग्री-प्रमाणपत्र और नकल के मामलों में एसपी को व्यक्तिगत पर्यवेक्षण के निर्देश दिए गए। नेक्सा एवरग्रीन सिटी, आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी और आरजीएचएस के लंबित मामलों की भी व्यक्तिगत निगरानी के निर्देश दिए गए। विभागीय जांचों के त्वरित निस्तारण और अपराध में संलिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ लंबित कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा गया।
इसके साथ ही यातायात नियंत्रण में कुल 3,73,104 कार्यवाहियां हुईं, जिनमें 1,69,089 एमवी एक्ट, 87,357 बिना हेलमेट और 80,023 ओवर-स्पीडिंग की कार्रवाई शामिल है। एसएलएल में 5.57 प्रतिशत अधिक कार्रवाई हुई। नेक्ट जेन ई-चालान सिस्टम लागू करने की तैयारियों को भी समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया पर महिला-बाल अपराध से जुड़ी 98.8 प्रतिशत और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली 88.8 प्रतिशत पोस्ट टेक-डाउन कराई गईं। नए आपराधिक कानून व ई-गवर्नेंस क्रियान्वयन में राजस्थान बड़े राज्यों में द्वितीय रहा। आईटीएसएसओ अनुपालन दर 91.3 प्रतिशत दर्ज हुई।
डीजीपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, आमजन की सुरक्षा और पुलिसिंग में जवाबदेही राजस्थान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में डीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय अग्रवाल सहित सभी एडीजी मौजूद रहे। एडीजी बिपिन कुमार पांडे ने एजेंडा प्रस्तुत किया।



















