परिसीमन और महिला आरक्षण मुद्दे पर जयपुर में महिला कांग्रेस का विरोध

0
53
Mahila Congress Protests in Jaipur over Delimitation and Women's Reservation Issues
Mahila Congress Protests in Jaipur over Delimitation and Women's Reservation Issues

जयपुर। राजधानी जयपुर में महिला कांग्रेस ने मंगलवार को भाजपा की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए महिला आरक्षण कानून को लागू करने में देरी और परिसीमन विधेयक को लेकर सवाल उठाए।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लाम्बा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, इसके बावजूद केंद्र सरकार ने इसका नोटिफिकेशन करीब 30 महीने की देरी से जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महिला आरक्षण लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तें जोड़कर इसे टालने का प्रयास किया।

लाम्बा ने कहा कि हाल ही में 16 से 18 अप्रैल 2026 के बीच बुलाए गए संसद के विशेष सत्र का उद्देश्य महिला आरक्षण पर चर्चा नहीं, बल्कि परिसीमन से जुड़ा संशोधन विधेयक लाना था। विपक्ष ने सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक और विधेयक का मसौदा साझा करने की मांग की, जिसे सरकार ने स्वीकार नहीं किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिना नई जनगणना के परिसीमन कर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की योजना बना रही है, जिससे दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों को नुकसान हो सकता है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के विरोध के चलते यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।

कांग्रेस की मांग है कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों में तत्काल महिला आरक्षण लागू कर 180 सीटें महिलाओं को दी जाएं। साथ ही ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण में शामिल करने की मांग उठाई गई।

लाम्बा ने कहा कि कांग्रेस जातिगत जनगणना 2026-27 में पूर्ण कराने और उसके आधार पर ही परिसीमन की मांग करती है। उन्होंने भाजपा पर पहले जातिगत जनगणना का विरोध करने और अब दबाव में इसे स्वीकार करने का आरोप भी लगाया।

प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने 1992 में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायती राज और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिया, जिसके चलते आज बड़ी संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि बनी हैं।

महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू नहीं किया गया तो देशभर में आंदोलन तेज किए जाएंगे। साथ ही आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की बात कही गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here