जयपुर। आस्था और श्रद्धा के पावन केंद्र श्री अमरापुर स्थान, जयपुर में शुक्रवार को आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का मासिक जन्मोत्सव चौथ पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अलवर, टोंक, निवाई, चाकसू, अहमदाबाद, सूरत, अजमेर और सीकर सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
उत्सव की शुरुआत प्रातः 6 बजे मंगला दर्शन और श्रद्धालुओं द्वारा गुरुचरणों में पुष्प व माला अर्पित कर मंगल कामना के साथ हुई। नित्य नियम प्रार्थना और भजन-सत्संग के बाद संतों ने “मेरा सदगुरु टेऊँराम जगत में जीव उबारन आया था…” जैसे भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
सायंकालीन सत्र में महिला मंडल द्वारा चालीसा पाठ और भजन-सत्संग के पश्चात संतों के सान्निध्य में संगीतमय सामूहिक ‘ब्रह्म दर्शनी’ का पाठ किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। सतनाम साक्षी महामंत्र के जाप और आरती के उपरांत आचार्य श्री के समक्ष श्रद्धा और समर्पण के साथ 56 व्यंजन का भोग अर्पित किया गया। उत्सव के विशेष उपलक्ष्य में मंदिर एवं दिव्य समाधि स्थल का अलौकिक श्रृंगार किया गया तथा ‘गुरुमुख द्वार’ के बाहर आकर्षक रंगोली सजाई गई।
चौथ महोत्सव के पावन दिवस पर बांगड़ हॉस्पिटल में राहगीरों और जरूरतमंदों को पुलाव प्रसादी, मीठे मालपुवे और फलों का वितरण किया गया। संतों ने बताया कि श्री अमरापुर स्थान द्वारा अन्न-प्रसादी के साथ प्रतिदिन बांगड़ हॉस्पिटल में भी नियमित रूप से पुलाव प्रसादी वितरित की जाती है। दर्शन उपरांत श्रद्धालुओं में डोडा चटनी और भुजिया प्रसाद का वितरण किया गया।
इस दौरान संतों ने एक बार फिर पुरजोर मांग दोहराई कि कबीर, मीरा, सूरदास, रसखान, दादू दयाल और गुरु नानक देव जी की तरह ही संत शिरोमणि स्वामी टेऊँराम महाराज की आध्यात्मिक वाणी (दोहे, पद, छंद, भजन व कवित्त) में सामाजिक समरसता और विश्व बंधुत्व का संदेश निहित है।



















