सोते समय मां और तीन बेटियों की पत्थर से वार कर हत्या

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जयपुर। करधनी थाना इलाके की गोविंद वाटिका में गुरुवार देर रात एक परिवार में मां और उसकी तीन बेटियों की हत्या से सनसनी फैल गई। शुक्रवार सुबह घर में चार शव मिलने के बाद घटना का खुलासा हुआ। मृतकों की पहचान गीता झा (40), उसकी बेटियां नंदनी (22), राधिका (17) और गिरीश उर्फ गौरी (14) के रूप में हुई है। चारों के सिर और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस को मौके से हत्या में इस्तेमाल किए गए दो पत्थर और खून से सने कपड़े मिले हैं।

जयपुर पश्चिम डीसीपी प्रशांत किरण के अनुसार पुलिस कंट्रोल रूम को शुक्रवार सुबह गोविंद वाटिका स्थित प्लॉट नंबर ए-169 में चार शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। गीता का शव मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में मिला, जबकि तीनों बेटियों के शव ग्राउंड फ्लोर के दो अलग-अलग कमरों में मिले। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि चारों की सोते समय सिर पर भारी पत्थर से वार कर हत्या की गई।

सुबह पिता को चाय पिलाई, फिर हुआ फरार

घर में 85 वर्षीय लक्ष्मीनाथ झा भी रहते हैं। पुलिस के अनुसार राहुल ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दूधवाले से दूध लिया और पिता के लिए चाय बनाई। पिता को चाय पिलाने के बाद वह तैयार होकर घर से निकल गया और वापस नहीं लौटा। उसने अपना मोबाइल भी घर पर ही छोड़ दिया और फोन बंद था। बाद में बुजुर्ग पिता ने घर में खून देखा और पड़ोसियों को इसकी सूचना दी। पड़ोसियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी।

पत्नी ब्यूटी पार्लर, राहुल शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राहुल झा शेयर ट्रेडिंग का काम करता था, जबकि गीता घर की पहली मंजिल पर ब्यूटी पार्लर चलाती थी। नंदनी पढ़ाई के साथ निजी नौकरी भी करती थी। राधिका 12वीं कक्षा और गिरीश उर्फ गौरी आठवीं कक्षा में पढ़ रही थी। राहुल के पिता लक्ष्मीनाथ झा सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हैं और उन्हें पेंशन मिलती है।

पड़ोसियों के अनुसार राहुल करीब तीन दिन पहले गुजरात से लौटा था। उसने एक पड़ोसी महिला से 50 हजार रुपए उधार मांगे थे, लेकिन उसे 25 हजार रुपए दिए गए थे। परिवार करीब छह साल पहले यह मकान खरीदकर यहां रहने लगा था। इससे पहले परिवार झोटवाड़ा में रहता था और वर्ष 2021 में गोविंदपुरी क्षेत्र में रहने लगा था।

घरेलू विवाद की आशंका, पर परिजनों ने नकारा

पुलिस प्रारंभिक तौर पर घरेलू कलह समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घर में जबरन प्रवेश के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं और कीमती सामान भी सुरक्षित मिला है। राहुल के भाई संजय कुमार झा और भतीजे राज ने पुलिस को बताया कि पति-पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद नहीं था। उन्होंने बताया कि राहुल करीब तीन दिन पहले घर आया था और उस समय सभी ने साथ बैठकर खाना भी खाया था।

डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि बुजुर्ग लक्ष्मीनाथ झा की उम्र अधिक है और उन्हें सुनने में भी परेशानी है, इसलिए उनसे ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

अलग-अलग टीमें राहुल की तलाश में

घटना के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर किसी को अंदर नहीं जाने दिया। एफएसएल टीम ने खून से सने कपड़ों सहित अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। राहुल झा की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद ही हत्या की वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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