जयपुर। सुभाष चौक स्थित पानों का दरीबा के श्री शुक संप्रदाय की आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में सरस माधुरी शरण जी महाराज (दादा गुरुदेव) का 172वां नीलमणि जयंती महोत्सव भक्तिमय वातावरण में शुरू हुआ। श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में ठाकुर राधा सरस बिहारी जू सरकार की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद दादा गुरुदेव के चित्रपट का पूजन किया गया।
महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में वैष्णव भक्तों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से श्री भक्ति सागर (भक्ति पदार्थ वर्णन) का सामूहिक पाठ किया और आचार्य महिमा का गुणगान किया। इस दौरान “विशेष रूप से रसिकन को दें प्रेम सुधारस निज वृंदावन धाम, सरस माधुरी कृपा गुरून की दरसें श्यामा श्याम…” सहित अन्य पदों का श्रवण किया गया।
भक्तों ने सत्संग और भक्ति का लाभ लेते हुए दादा गुरुदेव के बताए मार्ग पर चलने तथा भगवत्भक्ति और सत्संग को जीवन का आधार बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री सरस परिकर को फूलों और बांदनवार से आकर्षक रूप से सजाया गया। दादा गुरुदेव द्वारा रचित पदावलियों के पर्दे भी लगाए गए।
श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि महोत्सव के तहत 11 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 7 से 9 बजे तक श्री शुक संप्रदाय के प्रवर्तक आचार्य महाप्रभु स्वामी श्री श्याम चरणदास जी महाराज विरचित श्री भक्तिसागर का सामूहिक पाठ किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को दादा गुरुदेव का प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा। इस दिन दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक महोत्सव समाज का आयोजन होगा। वहीं रात्रि 8 बजे से श्री भक्तिसागर वाणीपाठ एवं अखंड जागरण का आयोजन प्रात: 5 बजे तक चलेगा।
13 अगस्त को वाणीपाठ एवं महोत्सव समाज, जबकि 14 अगस्त को भव्य झूला महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 15 से 17 अगस्त तक बधाई महोत्सव का आयोजन होगा।



















