जयपुर। राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर संविदा नर्स दीपक खारवाल को सेवा से हटाए जाने के विरोध तथा उनकी पत्नी व बच्चों को मुआवजा एवं सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर नर्सिंगकर्मियों का आंदोलन पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को एसएमएस मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर धरना दिया गया, जबकि जेके लोन चिकित्सालय के नर्सिंगकर्मियों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व पवन सोनी, प्रदीप निम्रोट, महेंद्र मीणा और गोविंद शर्मा ने किया। संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक राजेंद्र सिंह राणा सहित अन्य वक्ताओं ने वर्षों से कार्यरत संविदा नर्सों को पुनः सेवा में लेने की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि संविदा नर्सिंगकर्मियों को असंवैधानिक तरीके से हटाया गया है तथा न्यायालय के निर्देशों की भी अनदेखी की गई है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी चरण में नर्सेज शोक दिवस मनाकर सामूहिक अवकाश लिया जाएगा। गुरुवार को श्वसन रोग संस्थान, शास्त्री नगर में भी दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन में कैलाश शर्मा, शकुंतला पूनिया, ममता दुबे, सुमन पाठक, मनोज दुब्बी सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष नर्सिंगकर्मी शामिल हुए। समिति के अनुसार अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, चूरू, दौसा और झालावाड़ सहित प्रदेश के करीब 20 जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किए गए।


















