जयपुर। राजधानी के एक कपड़ा व्यापारी से 8.30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में मुहाना थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी को दुबई से लौटते ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जयपुर में फर्जी फर्म बनाकर व्यापारियों का भरोसा जीतता, करोड़ों रुपये का माल उधार लेकर विदेश फरार हो जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कई व्यापारियों से धोखाधड़ी करने के साथ-साथ फर्म के नाम पर विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर भी भुगतान नहीं किया।
डीसीपी (जयपुर दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस ने फलौदी जिले के मतोड़ा निवासी कमल चांडक को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ में उसके अन्य साथियों और पूरे गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले किसी नए शहर में जाकर एक नई फर्म स्थापित करता था। शुरुआत में व्यापारियों को समय पर भुगतान कर उनका विश्वास जीतता और बाजार भाव से अधिक कीमत देकर खुद को विश्वसनीय साबित करता था। भरोसा बनने के बाद वह बड़ी मात्रा में माल खरीदता और करोड़ों रुपये की देनदारी छोड़कर विदेश फरार हो जाता था। उसके साथी पीछे से माल बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।
मामले में कपड़ा व्यापारी भैरूलाल ने 28 मार्च को मुहाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, हरप्यारी एक्सपोर्ट लिमिटेड और राधिका इम्पोर्ट एंड एक्सपोर्ट लिमिटेड के नाम से संचालित फर्मों ने वर्ष 2024 से कपड़ा खरीदना शुरू किया। शुरुआती लेन-देन में समय पर भुगतान कर विश्वास कायम किया और बाद में अधिक मांग का हवाला देकर करीब 8.30 करोड़ रुपये का कपड़ा खरीद लिया। इसके बाद आरोपी और उसकी पत्नी फरार हो गए। जांच में पता चला कि फर्म का पंजीकरण किराए के पते पर था और वहां भी दोनों नहीं मिले।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी फर्मों के जरिए सात बैंकों से कैश क्रेडिट (सीसी) और बिजनेस लोन भी लिया। इसके बाद वह दुबई चला गया, जबकि उसकी पत्नी और अन्य साथियों ने खरीदा गया माल बेचकर रकम आपस में बांट ली।
जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके गिरोह ने जयपुर के कई व्यापारियों से 15 से 20 करोड़ रुपये तक का कपड़ा खरीदकर धोखाधड़ी की हो सकती है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में इसी तरह की कई और धोखाधड़ी की वारदातों का खुलासा हो सकता है।



















