जयपुर। राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में पिछले छह माह का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि प्रदेश में गंभीर अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के मामलों में गिरावट आई है। वहीं पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के चलते आबकारी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक माफिया पर प्रभावी कार्रवाई के बाद 117 भर्ती परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराई गईं।
डीजीपी ने बताया कि संपत्ति संबंधी अपराधों में बरामदगी का प्रतिशत बढ़ा है तथा महिला सुरक्षा मामलों में अनुसंधान अवधि घटाकर पॉक्सो मामलों में 78.2 दिन से 51.2 दिन और दुष्कर्म मामलों में 81 दिन से 52 दिन कर दी गई है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। अब तक 1.84 लाख गुम मोबाइल ट्रेस किए जा चुके हैं, जिनमें से 61,346 मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए गए हैं। डिजिटल अरेस्ट के 136 मामलों में 174 आरोपियों को गिरफ्तार कर 52.23 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड की गई है।
नशे के खिलाफ अभियान के तहत बड़े ड्रग सिंडिकेट्स पर कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट में 7,195 मामले दर्ज किए गए तथा मादक पदार्थ तस्करों की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। डीजीपी ने कहा कि भविष्य में सीआईडी (सीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के जरिए बड़े ड्रग माफिया और गैंगस्टर्स की अपराध से अर्जित संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
साथ ही रंगदारी, संगठित अपराध और विदेशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि तकनीकी संवर्ग में 403 पदों के कैडर पुनर्गठन से पुलिसकर्मियों के पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे। प्रेस वार्ता में डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप ने छह माह की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान डीजी (प्रशिक्षण) अनिल पालीवाल सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


















