जयपुर। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर राजधानी जयपुर में आध्यात्मिक और धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला लगातार जारी है। इसी क्रम में गायत्री परिवार के सभी प्रमुख केंद्रों पर सामूहिक साधना और विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। पर्व के दौरान शहरभर में धर्ममय और सकारात्मक वातावरण बना हुआ है।
500 से अधिक साधक कर रहे हैं महामंत्र का अनुष्ठान
गायत्री परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नवरात्र के इन दिनों में 500 से अधिक साधक अपने घरों पर रहकर ही 24 हजार गायत्री महामंत्र का विशेष अनुष्ठान पूर्ण कर रहे हैं। इसके अलावा, शहर के विभिन्न शक्तिपीठों और प्रज्ञा केंद्रों पर नियमित साधना के साथ प्रतिदिन हवन में पूर्ण आहुतियां दी जा रही हैं। अनुष्ठान के पांचवें दिन दुर्गापुरा स्थित चेतना केंद्र पर बड़ी संख्या में साधक एकत्र हुए। यहाँ पंच कुंडीय यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें साधकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।इस दौरान सुबह साधकों ने सामूहिक ध्यान लगाया। इसके पश्चात प्रातः 7 से साढ़े 7 बजे तक सामूहिक जप किया गया।
शहर के विभिन्न केंद्रों पर गूंज रहे मंत्र
गायत्री परिवार के अन्य केंद्रों पर भी पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी और किरण पथ मानसरोवर स्थित वेदना निवारण केंद्र में सूर्योदय से सूर्यास्त तक दर्जनों साधकों ने बैठकर सामूहिक जप किया। गायत्री शक्तिपीठ वाटिका, गायत्री शक्तिपीठ कालवाड़, गायत्री चेतना केंद्र जनता कॉलोनी, गायत्री चेतना केंद्र वैशाली नगर और गायत्री चेतना केंद्र मुरलीपुरा में सुबह के समय नियमित रूप से हवन और आहुतियों का क्रम जारी रहा।
नवरात्र के इन पवित्र दिनों में गायत्री परिवार के इन आयोजनों से पूरे जयपुर शहर का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और ऊर्जावान हो गया है।



















