जयपुर। संसार चंद रोड स्थित दरगाह मीर कुर्बान अली में हजरत महबूब उर रहमान नियाजी रहमतुल्ला अलैह के 10वें उर्स का आगाज सोमवार को सूफी कॉन्फ्रेंस और सूफी क्लासिकल नाइट के साथ हुआ। आयोजन में देश-विदेश से आए मेहमानों और सूफी प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर महफिल का आनंद लिया।
उर्स के तहत शाम 6 बजे ‘मेरा मुल्क मेरी पहचान’ अभियान के अंतर्गत सूफी कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें अजमेर दरगाह के दीवान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती, सज्जादानशीन डॉ. सैयद हबीब उर रहमान नियाजी सहित प्रदेशभर के सज्जादानशीनों ने भाग लिया। बैठक में आगामी दिनों में जयपुर में आयोजित होने वाली एक विशाल सूफी कॉन्फ्रेंस को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
इसके बाद आयोजित सूफी क्लासिकल नाइट में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। हुसैन बंधुओं ने सूफियाना गजलें प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी, जबकि योगेश मुथिया ने वाद्य प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में अनवर हुसैन ने अपनी शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
सज्जादानशीन डॉ. सैयद हबीब उर रहमान नियाजी ने बताया कि पहली बार उर्स के अवसर पर सूफी कॉन्फ्रेंस और सूफी क्लासिकल नाइट का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर सूफी संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। उन्होंने बताया कि विदेशों से आए मेहमानों ने भी महफिल का भरपूर आनंद लिया।
हरियाणा से आईं शबनम राठी ने कहा कि लंबे समय बाद इतनी उत्कृष्ट सूफी क्लासिकल म्यूजिक नाइट देखने का अवसर मिला, जिससे उन्हें विशेष सुकून मिला। वहीं स्वाति शर्मा ने कहा कि पहली बार उर्स में शामिल होकर हुसैन बंधुओं की गजलें सुनने का अवसर मिला, जो बेहद यादगार रहा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. नियाजी ने सभी अतिथियों और कलाकारों का शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।



















