सोनू चंबल गैंग पर कसा शिकंजा: एजीटीएफ ने एके-47 और 34 जिंदा कारतूस के साथ दो बदमाशों को पकडा, आनंदपाल गैंग से जुड़े हैं ये अपराधी

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Tightening grip on Sonu Chambal gang: AGTF nabs two miscreants with AK-47 and 34 live cartridges
Tightening grip on Sonu Chambal gang: AGTF nabs two miscreants with AK-47 and 34 live cartridges

जयपुर। राजस्थान पुलिस मुख्यालय की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने धौलपुर जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक अत्याधुनिक एके-47 राइफल,उसकी मैगजीन और 34 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स) दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस ने दो कुख्यात बदमाशों जितेंद्र उर्फ जीतू चंबल और तेजपाल ठाकुर निवासी गांव बसई घीयाराम को गिरफ्तार किया है। जीतू चंबल कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रामदत्त उर्फ सोनू चंबल का भाई है। जिसे अवैध हथियारों की तस्करी का एक बड़ा सरगना माना जाता है। यह पूरी कार्रवाई धौलपुर के राजाखेड़ा थाना क्षेत्र के बसई घीयाराम गांव में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।

आनंदपाल गैंग से जुड़े रहे हैं ये अपराधी

राजस्थान में सक्रिय गैंगों, गैंगस्टरों और अवैध हथियार तस्करों पर नकेल कसने के लिए एडीजी एजीटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एजीटीएफ की टीम ने बुधवार को धौलपुर जिले के राजाखेड़ा थाना क्षेत्र में यह महत्वपूर्ण कार्रवाई की।

गिरफ्तार किए गए बदमाश जीतू चंबल और तेजपाल ठाकुर का संबंध कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रामदत्त उर्फ सोनू चंबल से है। यह भी सामने आया है कि हिस्ट्रीशीटर रामदत्त उर्फ सोनू चंबल, जीतू चंबल उर्फ जितेंद्र और उनका भाई शिवदत्त सभी कुख्यात आनंदपाल गैंग के सक्रिय सदस्य रहे हैं।

सोनू चंबल का लंबा आपराधिक इतिहास

रामदत्त उर्फ सोनू चंबल का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा और संगीन है। उस पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में हत्या, हत्या का प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, डकैती, पुलिस पर फायरिंग और अवैध हथियार तस्करी जैसे लगभग 35 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पूर्व में भी यह हिस्ट्रीशीटर पुलिस टीम पर फायरिंग कर गिरफ्तारी से बच निकला था और लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

बीहड़ों में एजीटीएफ का जोखिम भरा ऑपरेशन

पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध योगेश यादव के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एजीटीएफ सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम को आसूचना संकलन के लिए भेजा गया था। इस टीम का मुख्य लक्ष्य धौलपुर के बीहड़ क्षेत्र के कुख्यात गैंगस्टर रामदत्त ठाकुर उर्फ सोनू चंबल और उसकी गैंग के खिलाफ सटीक जानकारी जुटाना था।

पूर्व में अवैध हथियार सहित पकड़ा गया था कुख्यात बदमाश माधव सिंह

8 मई 2025 को हथियारों की पुख्ता सूचना मिलने के बाद एजीटीएफ और धौलपुर डीएसटी ने राजाखेड़ा थाना क्षेत्र के सदापुर गांव के बीहड़ों में एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। सर्च के दौरान कुख्यात बदमाश रामदत्त ठाकुर और उसकी गैंग ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस को भी आत्मरक्षा में गोलियां चलानी पड़ीं। इस मुठभेड़ में कुख्यात डकैत माधव सिंह (32) निवासी घड़ी करीलपुर थाना राजाखेड़ा को पुलिस ने पकड़ लिया।

उसके कब्जे से एक 12 बोर दुनाली बंदूक, एक 325 बोर कट्टा सहित कुल 23 जिंदा कारतूस 12 बोर, 7 जिंदा कारतूस 315 बोर और 5 जिंदा कारतूस 7.65 के.एफ. बरामद हुए। हालांकि, रामदत्त उर्फ सोनू चंबल अपने अन्य साथियों और अत्याधुनिक हथियारों के साथ मौके से फरार होने में कामयाब रहा था।

गिरफ्तार बदमाश माधव के खिलाफ राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और तेलंगाना में कुल 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं। रामदत्त ठाकुर राजाखेड़ा का हिस्ट्रीशीटर है और उसका परिवार आपराधिक पृष्ठभूमि का है। उसकी गैंग राजाखेड़ा धौलपुर क्षेत्र में आतंक का पर्याय बनी हुई थी।

अवैध फायरिंग रेंज और गैंग की नई कमान

जांच में सामने आया है कि रामदत्त द्वारा बसई घीयाराम और सदापुर पावर ग्रिड के पास स्थित बीहड़ों में अन्य राज्यों की गैंगों के कुख्यात बदमाशों को फरारी कटवाने और फायरिंग सिखाने के लिए एक अवैध फायरिंग रेंज बना रखी थी। वह वहां स्थित बगीची में फरार बदमाशों को शरण देता था।

एजीटीएफ ने रामदत्त और जीतू चंबल के पास शरण लेने वाले सभी बदमाशों को चिन्हित कर लिया है और उनकी तलाश तथा उन पर कानूनी कार्रवाई जारी है। हाल ही में रामदत्त को हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। रामदत्त की गिरफ्तारी के बाद, इस पूरी गैंग की कमान उसका छोटा भाई जितेंद्र उर्फ जीतू चंबल संभाल रहा था।

एके-47 की बरामदगी ने खोली पोल

एजीटीएफ टीम को मुखबिर से एक बेहद पुख्ता सूचना मिली कि एक आधुनिक हथियार, जो एके-47 राइफल हो सकती है, जिसे रामदत्त और उसका भाई जीतू कुछ समय पहले लाए थे, वह अब जीतू और उसके पिता के पास उनके गांव में ही मौजूद है। इस महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर धौलपुर एसपी सुमित मेहरडा के समन्वय में राजाखेड़ा थानाधिकारी और जाप्ते की सहायता से एजीटीएफ टीम ने जितेंद्र उर्फ जीतू चंबल के घर ग्राम बसई घीयाराम पर तुरंत दबिश दी। इस अचानक की गई दबिश के दौरान पुलिस ने उसके घर से एक एके-47 राइफल मय मैगजीन और 34 जिंदा कारतूस बरामद किए। मौके से जितेंद्र उर्फ जीतू चंबल और तेजपाल ठाकुर निवासी बसई घीयाराम थाना राजाखेड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया।

सोनू चंबल गैंग से बरामद हथियारों का जखीरा

सोनू चंबल गैंग से अब तक कुल मिलाकर भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं, जिनमें अत्याधुनिक एके-47 राइफल, उसकी मैगजीन और 34 जिंदा कारतूस सहित एक 12 बोर दुनाली बंदूक, दो देशी कट्टे 315 बोर, 12 बोर के 23 राउंड, 32 बोर के पांच राउंड और 315 बोर के 09 राउंड शामिल है।

सराहनीय कार्य करने वाली टीम

इस संपूर्ण कार्रवाई में एजीटीएफ से एएसआई शैलेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल मदन लाल, अरुण कुमार, कांस्टेबल बृजेश शर्मा, श्रवण कुमार एवं धौलपुर पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल रामसहाय की विशेष भूमिका रही। एजिटिव टीम में हेड कांस्टेबल सन्नी कांस्टेबल चालक श्रवण राम भी शामिल थे। धौलपुर पुलिस टीम से एसएचओ राजाखेड़ा रामकिशन यादव मय टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस सफल अभियान से राजस्थान में संगठित अपराध और अवैध हथियारों की तस्करी पर एक बार फिर बड़ी चोट पड़ी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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